कांग्रेस को दरकिनार कर अखिलेश ने दिए ममता से जुड़ने के संकेत, बोले- उनका स्वागत, सही समय आने पर लूंगा फैसला

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संकेत दिया है कि वो ममता बनर्जी वाले मोर्चे में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय आने पर वो इसके बारे में बात करेंगे।

akhilesh yadav, mamata banerjee ममता के मोर्चे में शामिल हो सकते हैं अखिलेश (फोटो- @yadavakhilesh)

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुहीम को अब अखिलेश यादव का भी समर्थन मिलता दिख रहा है। कांग्रेस से अलग ममता बनर्जी जिस मोर्चों को बनाने की कोशिशों में जुटी हैं, उससे अखिलेश यादव ने जुड़ने के संकेत दिए हैं।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले वैकल्पिक राजनीतिक मोर्चे में शामिल होने के लिए तैयार हो सकते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा का सफाया हो जाएगा, जैसे कि बंगाल चुनावों में बनर्जी ने उनका सफाया कर दिया था।

सपा नेता ने झांसी में संवाददाताओं से बात करते हुए ममता बनर्जी को लेकर कहा- “मैं उनका स्वागत करता हूं। जिस तरह से उन्होंने बंगाल में भाजपा का सफाया किया… उत्तर प्रदेश के लोग भाजपा का सफाया कर देंगे।” हालांकि जब उनसे ममता के साथ जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब समय सही होगा तो वो इसके बारे में बात करेंगे।

तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच में पहले से ही दोस्ताना संबंध रहे हैं। अखिलेश यादव कई मौकों पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सपोर्ट भी देते देखे गए हैं। चाहे वो भाजपा के खिलाफ खड़े होने का मामला हो या फिर बंगाल विधानसभा चुनाव। दोनों की जगह सपा प्रमुख, ममता बनर्जी के सपोर्ट में बयान दे चुके हैं।

वहीं कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलने वाली है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- “जनता उन्हें खारिज कर देगी … और आगामी चुनाव में उन्हें जीरो सीटें मिलेंगी।” अखिलेश यादव ने ये बातें प्रियंका गांधी के उस बयान के जवाब में कही, जिसमें प्रियंका ने लखीमपुर खीरी मामले में अखिलेश की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया था।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन परिणाम दोनों ही पार्टियों के लिए खराब रहा। इस बार भी पहले कहा जा रहा था कि दोनों साथ में आ सकते हैं, लेकिन प्रियंका गांधी ने पहले ही साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव में अकेली लड़ेगी। इसके लिए पार्टी ने प्रियंका गांधी पर भरोसा जताया है और प्रियंका लगातार यूपी में कांग्रेस के लिए जनसमर्थन मांगती देखी जा रही हैं।