कांग्रेस छोड़ने के बाद गोवा के पूर्व CM फलेरियो ने बताया, प्रशांत किशोर के ग्रुप ने TMC में शामिल होने के लिए किया था संपर्क

इससे पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में फलेरियो ने कहा कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से पहले कभी नहीं मिले। लेकिन उन्होंने प्रशांत किशोर और उनकी टीम से मुलाक़ात की। टीएमसी में शामिल होने के फैसले को लेकर हमारी उनसे बातचीत भी हुई थी। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को लेकर कहा कि वे सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के ही बड़े नेता नहीं हैं बल्कि देश के भी बड़े नेता हैं। 

एक इंटरव्यू में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुईजिन्हो फलेरियो ने कहा कि टीएमसी में शामिल होने से पहले प्रशांत किशोर और उनकी टीम IPAC ने उनसे संपर्क किया था। (एक्सप्रेस फोटो)

बीते बुधवार को गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व नेता लुईजिन्हो फलेरियो (Luizinho Faleiro) ने कांग्रेस का साथ छोड़ ममता बनर्जी की TMC का दामन थाम लिया। टीएमसी में शामिल होने से पहले उन्होंने विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुईजिन्हो फलेरियो ने कहा कि टीएमसी में शामिल होने के लिए उन्हें चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने संपर्क किया था। 

समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुईजिन्हो फलेरियो ने कहा कि प्रशांत किशोर और उनकी टीम IPAC ने उनसे संपर्क किया था। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की टीम ने उन्हें टीएमसी में शामिल होने के लिए नहीं कहा कि लेकिन उन्होंने इसको लेकर एक विश्लेषण किया था। आगे उन्होंने कहा कि आज गोवा की अर्थव्यवस्था मंदी है,यहां खनन का काम बंद हो गया है और यहां कोई नौकरी भी नहीं हैं। इसलिए गोवा के लोग एक विकल्प की तलाश कर रहे हैं और दीदी(ममता बनर्जी) ही एकमात्र विकल्प है। देश को ममता बनर्जी जैसे नेता की ही जरूरत है। 

इससे पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में फलेरियो ने कहा कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से पहले कभी नहीं मिले। लेकिन उन्होंने प्रशांत किशोर और उनकी टीम से मुलाक़ात की। टीएमसी में शामिल होने के फैसले को लेकर हमारी उनसे बातचीत भी हुई थी। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को लेकर कहा कि वे सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के ही बड़े नेता नहीं हैं बल्कि देश के भी बड़े नेता हैं। 

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले सवाल पर कहा कि कांग्रेस पार्टी छोड़ना मेरे लिए एक बहुत ही कठिन निर्णय था। लेकिन गोवा के हित के लिए, देश के हित के लिए और भाजपा को हराने के लिए यही एकमात्र तरीका है। इसके लिए मैं IPAC से मदद करूंगा। इसके अलावा उन्होंने अगले साल होने वाले गोवा विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि हम सभी 40 सीटों पर बिना किसी गठबंधन के अकेले दम पर चुनाव लड़ने की योजना है।