कांग्रेस पर बरसीं BJP की उमा भारती, इमरजेंसी और सिख दंगों का जिक्र करते हुए कहा- आपके मुंह से अहिंसा शब्द शोभा नही देता

लखीमपुर में हिंसा के बाद से जारी सियासी संग्राम पर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कांग्रेस पर जोरदार वार किया है। अपने हमले में उमा भारती ने कांग्रेस राज के दौरान हुई घटनाएं याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के मुंह से अहिंसा जैसे शब्द शोभा नहीं देते हैं।

Uma Bharti उमा भारती ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा (File/ Indian Express)

लखीमपुर में हिंसा के बाद से जारी सियासी संग्राम पर बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कांग्रेस पर जोरदार वार किया है। अपने हमले में उमा भारती ने कांग्रेस राज के दौरान हुई घटनाएं याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के मुंह से अहिंसा जैसे शब्द शोभा नहीं देते हैं। कांग्रेस महासचिव पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस के नेताओ को जिन मुद्दों पर बोलने का अधिकार नही हैं उन पर ना बोले। उन्होंने कहा कि आज़ादी के तुरंत बाद, देश में गांधी जी के कृषि को प्रमुख आर्थिक आधार मानने के सपने को उस समय के प्रधानमंत्री नेहरु जी ने ध्वस्त कर दिया था, उन्होंने कहा कि इसके बाद तो कृषि और किसान पीछे छूटते ही गए।

आक्रामक तेवरों को जारी रखते हुए उमा भारती ने कहा कि देश में इमरजेंसी लगाने वाली कांग्रेस अपने मुंह से लोकतंत्र का उच्चारण करने का अधिकार खो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगो में कांग्रेस के नेताओ और कार्यकर्ताओं ने ही 10000 सिखों को ज़िन्दा भूना था। कांग्रेस के मुंह से अहिंसा शब्द शोभा नही देता है। उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस नेताओ को मेरा सुझाव हैं कि किसानो कि समस्याओं के सुलझाने के लिए सरकार के साथ सहयोगी और सकारात्मक रुख़ रखें।

बताते चलें कि लखीमपुर खीरी के तिकोनिया इलाके में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद वहां जाने के दौरान रास्ते में हिरासत में लीं गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा 30 घंटे बाद भी पुलिस कस्टडी में हैं। जिसको देखते हुए कांग्रेस का रुख खासा आक्रामक है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी की हिंसा और प्रियंका गांधी वाद्रा को हिरासत में लिए जाने को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को गाड़ी से कुचलने वाले केंद्रीय मंत्री के पुत्र को हिरासत में नहीं लिए जाने का मतलब यह है कि देश का संविधान खतरे में है।

राहुल गांधी ने लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने से संबंधित एक कथित वीडियो को साझा करते हुए फेसबुक पोस्ट में कहा कि एक मंत्री का बेटा अगर अपनी गाड़ी के नीचे सत्याग्रही किसानों को कुचल दे, तो देश का संविधान ख़तरे में है। अगर वीडियो के सामने आने के बाद भी उसे हिरासत में ना लिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है। अगर एक महिला नेता को 30 घंटे तक बिना प्राथमिकी के हिरासत में रखा जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है।