कांग्रेस में रारः अमरिंदर की मीटिंग में नहीं पहुंचे तीन कैबिनेट मंत्री, उधर, छत्तीसगढ़ के विधायक दिल्ली दरबार में तलब

कांग्रेस ने राज्य में बिगड़ते नेतृत्व संकट के बीच छत्तीसगढ़ के अपने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे।

bhupesh baghel, amarinder singh कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ और पंजाब में पार्टी के भीतर संकट गहरा रहा है। (फोटो-इंडियन एक्सप्रेस)।

पंजाब के चार बागी मंत्रियों में से तीन आज कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे पहले चारों मंत्री पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत से मिले थे। सूत्रों ने बताया कि चार मंत्रियों में से सिर्फ चरणजीत सिंह चन्नी आज कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए बाकी तीन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली रवाना होने वाले मंत्रियों में तृप्त राजिंदर बाजवा,सुखजिंदर सिंह रंधावा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नाम शामिल हैं। बता दें कि चारों बागी मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।

वहीं कांग्रेस ने राज्य में बिगड़ते नेतृत्व संकट के बीच छत्तीसगढ़ के अपने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। यह इस सप्ताह उनकी इस तरह की दूसरी बैठक होगी। बघेल और सिंह देव दोनों ने इस सप्ताह की शुरुआत में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। बघेल ने कहा है कि वह पार्टी के फैसले का पालन करेंगे। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पूनिया का कहना है, “भूपेश बघेल आलाकमान का जो भी फैसला होगा, उसके लिए राजी हो गए हैं। उनका कहना है कि वह जब तक चाहें मुख्यमंत्री रहेंगे।” उन्होंने कहा कि “दोनों” बघेल और देव ने नेतृत्व के निर्णय पर सहमति व्यक्त की है।

पूनिया ने कहा, ”वर्तमान में बघेल मुख्यमंत्री में हैं।” देव उस बैठक के बाद से छत्तीसगढ़ नहीं लौटे हैं। पत्रकारों द्वारा मुख्यमंत्री पद के उनके दावे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था, “नेतृत्व के मुद्दे पर हम आलाकमान के फैसले से सहमत हैं।” मालूम हो कि बघेल सरकार ने जून में आधा कार्यकाल पूरा किया है। तभी से देव और उनके समर्थकों ने बदलाव के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, और जोर देकर कहा कि दिसंबर 2018 में जब पार्टी ने सत्ता संभाली थी तो रोटेशनल मुख्यमंत्री की बात कही गयी थी।

देव का दावा है कि उनसे वादा किया गया था कि वह बघेल के आधे कार्यकाल के बाद मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। देव के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह इससे कम पर समझौता नहीं करेंगे। सूत्रों ने कहा कि अगर उन्हें छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वह सरकार छोड़ देंगे और शायद कांग्रेस भी। उन्होंने कहा कि देव “भाजपा में शामिल नहीं होंगे”, लेकिन अब बघेल के साथ काम नहीं कर सकते।

2018 में छत्तीसगढ़ चुनाव जीतने के बाद, कांग्रेस को देव और ताम्रध्वज साहू सहित मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को मनाना पड़ा था। अंत में, जब बघेल ने कार्यभार संभाला तो दोनों को मंत्री के रूप में लिया गया।