काबुल हमले के पीछे जिस आतंकी संगठन का हाथ, रिपोर्ट में दावा, केरल से भी शामिल हुए 14 लोग

भारत सरकार अब इस बात को लेकर चिंतित है कि तालिबान और उसके साथी इन कट्टरपंथी केरलवासियों का इस्तेमाल कर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाएंगे।

Kabul Airport, Afghanistan, Taliban अफगानिस्तान के काबुल में धमाकों के बाद धू-धूकर उठता धुआं। (फोटोः एपी/पीटीआई)

काबुल एयरपोर्ट पर धमाका करने वाले आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासन प्रोविंस में केरल के भी 14 लोग शामिल थे। कहा जा रहा है कि इन लोगों को तालिबान ने बगराम जेल से रिहा किया था। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार केरल के 14 लोग इस संगठन का हिस्सा बने हैं।

भारत सरकार अब इस बात को लेकर चिंतित है कि तालिबान और उसके साथी इन कट्टरपंथी केरलवासियों का इस्तेमाल कर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाएंगे। हालांकि इस पूरे मामले पर तालिबान ने अब तक चुप्पी साध रखी है। बताते चलें कि काबुल हवाई अड्डे के पास गुरुवार (26 अगस्त, 2021) को दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने भीड़ को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इस अटैक में 13 अमेरिकी जवानों समेत कम से कम 73 लोगों (60 अफगानिस्तानी) की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य के घायल हो गए थे। हमले के बाद अफरा-तफरी के माहौल के बीच हर तरफ चीख-पुकार मची थी। लोग घायल हुए अपने परिजन को हाथगाड़ी पर लेकर इधर उधर भाग रहे थे।

काबुल हवाई अड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी के अभियान के बीच पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने हमले की आशंका जतायी थी और लोगों से हवाई अड्डे से दूर रहने की अपील की थी, लेकिन अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान के क्रूर शासन की आशंका के चलते देश छोड़ने को आतुर लोगों ने इस परामर्श को नजरअंदाज किया था।

इस बारे में सतर्क किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हमला हुआ। इस्लामिक स्टेट समूह ने अपने ‘अमाक’ समाचार चैनल पर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। आईएस से संबद्ध इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। यह समूह तालिबान से कहीं अधिक कट्टरपंथी है। अब खबर में यह दावा किया गया है कि भारत के केरल के कुछ लोग भी इस संगठन के साथ जुड़े हुए हैं और ब्लास्ट की घटना में भी उनका हाथ था।