कार्टूनिस्ट के बेटे ने बीजेपी का बनाया था कार्टून, अलसुबह फडणवीस के शपथ लेने पर शिवसेना सांसद ने कसा तंज, गौरव भाटिया ने दिया ये जवाब

साल 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने बीजेपी के साथ नाता तोड़ लिया था। बाद में देवेंद्र फडणवीस ने 23 नवंबर को अहले सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनके साथ एनसीपी नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री की शपथ ली थी।

साल 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन तीन दिन बाद उनको इस्तीफा देना पड़ा। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि शिवसेना ने कभी भी सत्ता के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल नहीं किया जबकि बीजेपी का अवसरवादी हिंदुत्व केवल सत्ता के लिए है। इसी मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान जब शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने साल 2019 में अलसुबह फडणवीस के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर तंज कसते हुए कहा कि कार्टूनिस्ट के बेटे ने बीजेपी का कार्टून बनाया था तो भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी उनके बयान पर पलटवार किया।  

आजतक न्यूज चैनल आयोजित डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उद्धव ठाकरे बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा से टूट गए हैं। इसलिए मैं कहूंगा कि खुद कार्टूनिस्ट होने में और कार्टून बन जाने में फर्क है। बाला साहेब ठाकरे कार्टूनिस्ट थे और कार्टून कौन बना ये सब जानते हैं। इसके जवाब में शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि कार्टून कौन बना था। ये देश की जनता ने देखा जब सवेरे पांच बजे चोरी चोरी, गवर्नर का इस्तेमाल करकर, राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया गया था।

आगे शिवसेना सांसद ने कहा कि कार्टून वो हैं जो कम समय के मुख्यमंत्री बने। कार्टूनिस्ट के एक बेटे ने उस कार्टून को बनाया। रही बात कार्टून कार्टून करने की तो केंद्र सरकार के बहुत सारे लोग जिन्होंने पूरी कोशिश की अपनी सरकार बना सकें। हां कार्टूनिस्ट के बेटे होने के कारण उन्होंने लोगों को कार्टून भी बनाया और अच्छे से सबक भी सिखाया। इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी के हिंदुत्व वाले बयान को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक शब्द नहीं बोला लेकिन आज बाला साहेब होते तो शेर की दहाड़ते। आज बाला साहेब की आत्मा जहां होगी बहुत दुखी होगी।

गौरतलब है कि साल 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने बीजेपी के साथ नाता तोड़ लिया था। बाद में देवेंद्र फडणवीस ने 23 नवंबर को अहले सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनके साथ एनसीपी नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री की शपथ ली थी। लेकिन तीन दिन बाद ही एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच गठबंधन होने के बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर जमकर निशाना साध और कहा कि शिवसेना ने सहयोगी के रूप में भाजपा के साथ 25 साल बर्बाद किए। शिवसेना ने कभी भी सत्ता के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल नहीं किया। शिवसेना ने बीजेपी को छोड़ा है लेकिन हिंदुत्व को नहीं छोड़ा है। मेरा मानना ​​है कि बीजेपी का अवसरवादी हिंदुत्व केवल सत्ता के लिए है। 

इसपर भाजपा नेता नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जिस प्रकार का भाषण मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया है उससे लगता है कि कहीं न कहीं वह आहत हैं अपनी पार्टी के चौथे नंबर पर जाने से और उसका गुस्सा भाजपा पर निकाल रहे हैं। होना तो यह चाहिए था कि वह राज्य के सवालों और दिक्कतों पर बोलते।