किम जोंग उन की बहन ने अमेरिका को भी सुनाई खरी खोटी, बोलीं- फालतू की उम्मीद न रखो

किम जोंग उन की बहन ने बातचीत की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया है। नार्थ कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार किम यो जोंग ने कहा कि अमेरिका हालात की व्याख्या स्वयं को दिलासा दिलाने के लिए कर रहा है।

नार्थ कोरिया के शासक की बहन किम यो जोंग ने कहा कि अमेरिका ने गलत तरीके से अपनी उम्मीद रखी हुई है। इससे अमेरिका को और अधिक निराशा मिलेगी। (फोटो – एपी)

अमेरिका और नार्थ कोरिया के कूटनीतिक संबंधों पर जमी बर्फ जस की तस बनी हुई है। नार्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने साफ़ कर दिया है कि अमेरिका उनके साथ बात करने की उम्मीद ना रखे, इससे अमेरिका को और अधिक निराशा मिलेगी। 

किम यो जोंग की यह टिप्पणी अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के बयानों के बाद आई है जिसमें उन्होंने नार्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के एक बयान को दिलचस्प संकेत बताया था। किम जोंग उन ने अपने अधिकारियों से कहा था कि वह बातचीत और टकराव दोनों के लिए तैयार रहे। जेक सुलिवन ने किम जोंग उन के बयान पर कहा था कि अमेरिकी प्रशासन इस बात का इंतजार करेगा कि नार्थ कोरिया बातचीत के लिए संभावनाओं को तलाश रहा है या नहीं।

हालांकि किम जोंग उन की बहन ने बातचीत की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया है। नार्थ कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार किम यो जोंग ने कहा कि अमेरिका हालात की व्याख्या स्वयं को दिलासा दिलाने के लिए कर रहा है। साथ ही किम यो जोंग ने कहा कि अमेरिका ने गलत तरीके से अपनी उम्मीद रखी हुई है। इससे अमेरिका को और अधिक निराशा मिलेगी।

 

किम जोंग उन की बहन ने अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों की संभावनाओं को उस समय ख़ारिज किया है जब उत्तर कोरिया मामलों के शीर्ष अमेरिकी राजदूत सुंग किम दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। सियोल दौरे पर सुंग किम ने कहा कि अमेरिका नार्थ कोरिया के साथ कहीं भी, कभी भी और बिना किसी शर्त के साथ बातचीत करने के लिए तैयार था। 

 

उत्तर कोरिया इस समय खाद्य सामग्री की कमी से जूझ रहा है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कुछ दिन पहले खाद्य सामग्री की कमी की चेतावनी जारी की है। खाने-पीने की सामान्य चीज़ों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। उत्तर कोरिया पहले भी भुखमरी का सामना कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया में दो से तीन महीनों की जरूरत की खाद्य सामग्री का संकट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इसपर ध्यान नहीं जाता है तो अगस्त और अक्टूबर 2021 के बीच वहां के लोगों को भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है।