किसानों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस नेता, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें धरना स्थल से उठने को कहा

धरना स्थल से बाहर निकाले जाने पर कांग्रेस नेता अनिल चौधरी ने कहा कि मैं किसानों की परेशानी समझ सकता हूं। किसान कहेंगे कि हमें यहां से जाना है तो हम चले जाएंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का समर्थन करने पहुंचे कांग्रेस नेता अनिल चौधरी को प्रदर्शनकारियों ने गैर राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए उन्हें धरनास्थल से जाने के लिए कह दिया। (फोटो: एएनआई)

बीते 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी भी किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए और प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठ गए। लेकिन दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष की उस वक्त किरकिरी हो गई जब प्रदर्शनकारी किसानों ने उन्हें धरना स्थल से उठने के लिए कह दिया।

दरअसल सोमवार को किसान आंदोलन के 10 महीने पूरे होने भारत बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान देश के अलग अलग हिस्सों में किसानों ने सड़क और रेलवे ट्रैक जामकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी भी किसानों का समर्थन करने के लिए गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए और किसानों के साथ ही धरनास्थल के सामने बने मंच के पास बैठ गए। 

अपने बीच कांग्रेस नेता को बैठा देखकर प्रदर्शनकारी किसान भड़क गए। किसान कांग्रेस नेता अनिल चौधरी को धरना स्थल से उठने के लिए कहने लगे। किसानों ने कांग्रेस नेता से कहा कि पूरी दिल्ली पड़ी हुई है, आप वहां आंदोलन कर सकते हैं। आप इसे कांग्रेस का आंदोलन बनाना चाहते हैं। इसलिए आपसे आग्रह है कि आप आंदोलन से चले जाएं। किसानों ने यह भी कहा कि हम बंद का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देते हैं लेकिन यह गैर-राजनीतिक विरोध का मंच है। हमने पहले ही घोषणा की थी कि हम अपने मंच पर राजनीतिक दलों को अनुमति नहीं देंगे। इसलिए हमने उनसे अनुरोध किया कि वे हमारी साइट से थोड़ी दूर जाकर विरोध करें। हम उनका विरोध नहीं कर रहे हैं।

हालांकि दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी भी किसानों की नाराजगी प्रकट करने के बाद धरना स्थल से उठकर चले गए। धरना स्थल से बाहर निकाले जाने पर उन्होंने कहा कि मैं किसानों की परेशानी समझ सकता हूं। कांग्रेस पार्टी सड़क पर अपना विरोध करेगी। किसान कहेंगे हमें यहां से जाना है, हम चले जाएंगे। हम यहां किसानों के लिए आए हैं। हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों में किसानों ने सड़क और रेलवे ट्रैक जामकर प्रदर्शन किया। भारत बंद की वजह से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। भारत बंद को कई राजनीतिक दलों ने भी समर्थन दिया। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद को सफल बताते हुए कहा कि मुठ्ठी भर किसान, कुछ राज्यों का आंदोलन बताने वाले आंख खोलकर देख लें कि किसानों के आह्वान पर आज पूरा देश भारत बंद का समर्थन कर रहा है। बिना किसी दबाव व हिंसा के ऐतिहासिक भारत बंद जारी है। सरकार कान खोल कर सुन लें, कृषि कानूनों की वापसी व MSP की गारंटी के बिना घर वापसी नहीं होगी।