किसानों को आंदोलन का हक, पर सड़कों को ब्लॉक करना गलत, समाधान निकाले केंद्र- बोला SC

कोर्ट ने कहा कि किसानों को आंदोलन का हक है पर सड़कों को ब्लॉक करना गलत है। देश की राजधानी के चारों तरफ इस तरह की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार को हिदायत देते हुए कोर्ट ने कहा कि इसका तत्काल समाधान निकालें।

farmerrs, sc, pm modi खुले आसमान के नीचे अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे। (फोटोः ट्विटर@PunjabiTouch)

किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तीखे तेवर दिखाए हैं। सोमवार को कोर्ट ने कहा कि किसानों को आंदोलन का हक है पर सड़कों को ब्लॉक करना गलत है। देश की राजधानी के चारों तरफ इस तरह की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार को हिदायत देते हुए कोर्ट ने कहा कि इसका तत्काल समाधान निकालें।

जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने हैरानी जताई कि इतने दिनों से किसान सड़क पर बैठे हैं लेकिन उनकी तरफ गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। सड़कों को ब्लॉक करने को गलत करार देते हुए अदालत ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के साथ यूपी की योगी सरकार समस्या के समाधान की तरफ ध्यान दे। इस मसले का हल निकलना बेहद जरूरी है।

यूपी के नोएडा में रहने वाली मोनिका अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर करी है। उनका कहना है कि अदालत के बार-बार हिदायतें देने के बाद भी सड़कें ब्लॉक हैं। यूपी सरकार ने इस दौरान बताया कि किसानों से लगातार बात की जा रही है। उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है कि वो सड़कों को खाली कर दें। लेकिन वो मान नहीं रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि किसान आंदोलन की वजह से बंद सड़क अब परेशानियों का सबब बन चुकी है। नोएडा से दिल्ली पहुंचने के लिए जिस रास्ते पर आधे घंटे का वक्त लगता था अब उसमें दो घंटे लग जाते हैं।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार और किसान दोनों पक्षों से समाधान खोजने की अपील की। कहा कि किसानों को प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन वह कहीं और भी धरने पर बैठ सकते है। जिससे आम लोगों को परेशानी न हो सके। जस्टिस कौल ने इस याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के हाथ में समाधान है। किसी भी कारण से सड़कें बंद नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार इस मामले का समाधान करे और हमें रिपोर्ट सौंपे।