किसान आंदोलनः लाठीचार्ज करने पर भड़के गवर्नर मलिक, बोले-एसडीएम को बर्खास्त कर किसानों से माफी मांगें खट्टर

आयुष सिन्हा को लेकर उन्होंने कहा कि वो एसडीएम के पद के काबिल नहीं हैं। उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हुए किसान आंदोलन में अब तक 600 किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार की तरफ से अब तक एक भी सांत्वना के शब्द नहीं आएं हैं।

Satya Pal Malik, BJP, Farmer, Haryana करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने खट्टर सरकार को लताड़ा (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर से किसानो के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होने कहा है कि किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर मुख्यमंत्री खट्टर को माफी मांगनी चाहि, साथ ही एसडीएम को बर्खास्त करने की मांग भी उन्होंने की है।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार मलिक ने खुद को किसान का लाल बताया और कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी किसानों पर फोर्स का उपयोग नहीं किया। आयुष सिन्हा को लेकर उन्होंने कहा कि वो एसडीएम के पद के काबिल नहीं हैं। उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हुए किसान आंदोलन में अब तक 600 किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार की तरफ से अब तक एक भी सांत्वना के शब्द नहीं आएं हैं।

बताते चलें कि मलिक किसान आंदोलन को लेकर लगातार बयान देते रहे हैं इससे पहले उन्होंने कहा था कि मैं थोड़े दिनों पहले एक वरिष्ठ पत्रकार से मिला जो PM नरेंद्र मोदी का करीबी दोस्त हैं. मैंने उनसे कहा कि मैं तो कोशिश कर चुका हूं लेकिन अब तुम प्रधानमंत्री मोदी को समझाओ कि किसानों का अपमान ना करें। साथ ही उन्होंने कहा कि अब किसान दिल्ली से वापस नहीं जाएंगे और इसको 300 साल तक नहीं भूलेंगे।

सत्यपाल मलिक ने कहा था कि अगर ये आंदोलन ज्यादा चलता रहा तो नुकसान बहुत होगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि मैं सिखों को जानता हूं। जब इंदिरा गांधी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार किया था तो एक महीने तक उन्होंने अपने फार्म हाउस पर महामृत्युंजय जाप करवाया था। ये जानकारी मुझे अरुण नेहरू ने दी थी. जब अरुण नेहरू ने उनसे जाप करवाने का कारण पूछा तो इंदिरा गांधी ने कहा कि मैंने सिखों का अकाल तख़्त तोड़ा है ये मुझे छोड़ेंगे नहीं। इंदिरा गांधी को इस बात का इल्म पहले ही था। इन लोगों ने तो जनरल वैद्य को पूना में जाकर मारा था।