किसान इस मजाक को भूलेगा नहीं- UP सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में की 25 रुपये की वृद्धि तो भड़के राकेश टिकैत

यूपी सरकार द्वारा गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई 25 रुपये की वृद्धि पर किसान नेता राकेश टिकैत भड़के नजर आए।

Rakesh Tikait CM Yogi किसान नेता राकेश टिकैत (बाएं), सीएम योगी आदित्यनाथ (दाएं)। (फोटो सोर्स – पीटीआई)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से चंद दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनात ने गन्ने के समर्थन मूल्य में 25 रुपये की वृद्धि करते हुए किसानों को तोहफा दिया है। गन्ने के समर्थन मूल्य को योगी सरकार द्वारा बढ़ाकर 325 रुपये प्रति क्विंटल से 350 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। साथ ही उनका कहना है कि उनका मकसद राज्य में 119 चीनी मीलों को चलाना है। हालांकि उनके इस तोहफे से किसान कुछ खास खुश नहीं नजर आ रहे हैं। वहीं राकेश टिकैत ने भी फैसले पर भड़कते हुए इसे मजाक बताया है।

राकेश टिकैत ने समर्थन मूल्य को लेकर ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने योगी सरकार से नाराजगी जाहिर की। किसान नेता ने ट्वीट में लिखा, “उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में की गई 25 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा नाकाफी ही नहीं, किसानों के साथ मजाक है। तीन सरकारों के कार्यकाल में यह सबसे कम वृद्धि है। किसान इस मजाक को कभी नहीं भूलेगा।”

किसान नेता राकेश टिकैत के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर भी खूब कमेंट कर रहे हैं। जाकिर नाम के यूजर ने राकेश टिकैत के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “जैसे पेट्रोल-डीजल 60 रुपये से बढ़कर 100 रुपये हो गया है, वैसे ही गन्ने का रेट भी दोगुना होना चाहिए।” धर्मेंद्र नाम के यूजर ने लिखा, “अगर पांच साल में हर साल 10 रुपये भी बढ़ाते तो भी 50 रुपये बढ़ते। 4 साल बाद मात्र 25 रुपये बढ़ाकर मजाक किया है।”

रमा कांत नाम के यूजर ने किसान नेता राकेश टिकैत के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “माननीय ये मजाक नहीं, घोर अपमान है किसान का। सरकार को पता है किसान गंवार, अनपढ़ है, वोट भाजपा को ही देगा।” मुन्ना पटेल नाम के यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, “25 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाने के लिए योगी जी को धन्यवाद, किसान आमदनी दो गुनी हो, उसी पर उठाया गया ऐतिहासिक कदम।”

बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत ने गन्ने के समर्थन मूल्य को लेकर इससे पहले भी ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कीमत सवा चार सौ रुपये करने की मांग की थी। ट्वीट में भाकियू नेता ने लिखा था, “उत्तर प्रदेश में गन्ने का रेट सवा चार सौ से कम मंजूर नहीं, 370 का वादा साढ़े चार साल पहले अपने घोषणा पत्र में किया था। महंगाई और जोड़ले सरकार, काले कृषि कानूनों के साथ ही गन्ने और बिजली के मुद्दे पर भी मोर्चेबंदी करेगी।”