किसी भी सरकार से नहीं आया बातचीत का न्यौता, चढ़ूनी बोले- आंदोलन पहले की तरह रहेगा जारी, SKM की मीटिंग में आगे की रणनीति पर फैसला

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि हमारा आंदोलन आगे की तरह ही चलता रहेगा और कल होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हमें सरकार ने बातचीत को लेकर नहीं बुलाया है और यह आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। (एक्सप्रेस फोटो)

पिछले एक साल से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमा पर चल रहा किसान आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। यह ऐलान किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किया है। किसान नेता चढ़ूनी ने कहा कि हमें किसी भी सरकार से बातचीत का न्यौता नहीं आया है और यह आंदोलन पहले की तरह ही जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की अगली मीटिंग में आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।

सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि अभी तक न तो केंद्र और न ही किसी राज्य सरकार की तरफ से हमें बुलावा आया है। अभी तक कोई बातचीत भी नहीं हुई है। आज 5 सदस्यीय समिति की बैठक हुई और कल संयुक्त मोर्चा की बैठक बुलाई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि बैठक को पारदर्शी रखने के लिए 9 सदस्यीय समिति को भी बुलाया गया।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि हमारा आंदोलन आगे की तरह ही चलता रहेगा और कल होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इसको लेकर चर्चा की जाएगी। कल की बैठक में हम आंदोलन को आगे कैसे लड़ें और हमारा अगला कदम क्या होगा, इसका भी फैसला कल की बैठक में ही किया जाएगा।

बता दें कि बीते दिनों किसान नेताओं ने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन किया और सरकार से बातचीत करने के एक समिति बनाने को कहा था। जिसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी सहित अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से बात करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। जिसमें बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का और अशोक धावले को शामिल किया गया था।

गौरतलब है कि तीनों कृषि कानून वापसी बिल पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद भी प्रदर्शनकारी किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी के पिता व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी को लेकर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक इन मांगों को लेकर कोई समाधान नहीं हो जाता है तब तक किसान अपना आंदोलन ख़त्म नहीं करेंगे।