कृषि कानूनः अरे, सरकार को क्यों नहीं चैलेंज करेंगे…70 साल से खेती कर रहे हैं- बोले BKU के टिकैत

बीकेयू नेता ने कहा कि किसान को अपनी जमीन औलाद से भी अधिक प्यारी है। किसान जब तक जीवित रहते हैं तो अपनी जमीन औलाद के नाम नहीं कर सकते है तो फिर वह अपनी जमीन को जानबूझकर किसी को कैसे सौंप सकते हैं?

Farm Law,Rakesh tikait, farmer protest

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि उनका विरोध तीन कृषि कानूनों का है एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है उसका विरोध है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध क्यों नहीं करेंगे? 70 साल से किसान उस जमीन पर खेती कर रहे हैं, रह रहे हैं। कोई एक बेवकूफ आदमी आए और कह दे कि मेरी जमीन है तो क्या हम मान जाएंगे?

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार खामोश है लगता है कोई योजना बना रही है। केंद्रीय मंत्री के बयान पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भीड़ से सत्ता भी बदली जाती है हम तो कानून बदलने की बात कर रहे हैं। अभी तो नौजवानों ने बिल वापसी की बात की है सत्ता वापसी की बात की नहीं है। राकेश टिकैत ने कहा कि हम बंगाल भी जाएंगे वहां पर भी किसानों के साथ कई समस्याएं है।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत मार्च महीने में पांच राज्यों का दौरा करने वाले हैं । बीकेयू के एक पदाधिकारी ने शनिवार को बताया था कि टिकैत उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश,कर्नाटक और तेलांगाना में किसानों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही उन्होने कहा था कि उत्तर प्रदेश में दो बैठकें आयोजित की जाएगी।

उद्योगपतियों को एक इंच जमीन नहीं देंगे: बीकेयू नेता ने कहा कि किसान को अपनी जमीन औलाद से भी अधिक प्यारी है। किसान जब तक जीवित रहते हैं तो अपनी जमीन औलाद के नाम नहीं कर सकते है तो फिर वह अपनी जमीन को जानबूझकर किसी को कैसे सौंप सकते हैं? किसान अपनी एक इंच जमीन उद्योगपतियों को नहीं देंगे।

आंदोलन तेज करने के दिए संकेत: टिकैत ने उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर किसान आंदोलन को तेज करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब गेहूं की फसल तैयार होने वाली है। अगर किसान का गेहूं एमएसपी नहीं खरीदा गया तो किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देंगे।