केंद्रीय मंत्री ने ममता बनर्जी पर शेयर किया मीम- ‘बेटी पराया धन होती है, इसे विदा कर दीजिए’; बाद में पलटे

बाबुल सुप्रियो के ट्वीट पर टीएमसी प्रवक्ता शशि पंजा ने कहा, “ममता पर सुप्रियो की टिप्पणी केंद्र के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के खोखलेपन को दर्शाता है।”

West Bengal, Babul Supriyo, Mamata Banerjee

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में तलवारें खिंच गई हैं। दोनों ही पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर टिप्पणी करने में जुटे हैं। कई बार तो इन टिप्पणियों का स्तर काफी आक्रामक होने के साथ नीचे तक गिर चुका है। इसके बावजूद दोनों पार्टियां पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। ताजा मामला केंद्र सरकार में मंत्री और बंगाल से सांसद बाबुल सुप्रियो से जुड़ा है। सुप्रियो ने फेसबुक और ट्विटर पर ममता बनर्जी का एक मीम शेयर किया, जिसमें कहा गया था कि ‘बेटी पराया धन होती है, इस बार विदा कर देंगे।’ उनके इस मीम को लेकर टीएमसी के साथ-साथ भाजपा के कुछ नेताओं ने भी आपत्ति जताई है।

बाबुल सुप्रियो के ट्वीट में क्या आपत्तिजनक?: बता दें कि टीएमसी ने इस बार चुनाव में नारा दिया है- ‘बंगाल को सिर्फ अपनी बेटी चाहिए और कोई नहीं।’ इस पर पलटवार करते हुए बाबुल सुप्रियो ने मीम शेयर किया। इसमें ममता बनर्जी की माइक पकड़े एक तस्वीर है। इसमें हिंदी में लिखा है- मैं बंगाल की बेटी हूं। ममता की तस्वीर के नीचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हाथ जोड़े एक तस्वीर लगी है, जिसमें लिखा है- “बेटियां पराया धन होती हैं, इस बार विदा कर देंगे।”

बाबुल सुप्रियो के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मीम को लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। बाद में केंद्रीय मंत्री ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। उन्होंने मीम को दोबारा 5.35 पर पोस्ट किया और कहा, “मैं मानता हूं कि इस मीम को मेरे अकाउंट से शेयर नहीं किया जाना था।”

बाद में सुप्रियो ने ‘द टेलिग्राफ’ अखबार को बताया कि यह मीम न तो उन्होंने बनाया था और न ही इसमें उनका बयान था। सुप्रियो ने कहा कि उनकी खुद की दो बेटियां हैं, इसलिए वे इस तरह की बातें दूसरी पार्टियों के लिए नहीं करते।

टीएमसी के साथ भाजपा नेताओं ने भी की मीम की आलोचना: केंद्रीय वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो के इस ट्वीट पर तृणमूल कांग्रेस नेताओं के साथ भाजपा की एक नेता भी निशाना साधा। टीएमसी प्रवक्ता शशि पंजा ने कहा, “देश की एक महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह का हमला किया जा रहा है। भाजपा तो सिर्फ संघ के हाथों का एक औजार है, जो हमेशा से महिलाओं को नियंत्रण में रखना चाहता है।” उन्होंने कहा कि ममता पर सुप्रियो की टिप्पणी केंद्र के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के खोखलेपन को दर्शाता है।

दूसरी तरफ भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी ने बाबुल सुप्रियो के पोस्ट को महिलाओं की बेइज्जती करार दिया। उन्होंने कहा, “यह बंगाली संस्कृति के खिलाफ है। महिलाओं को हमारे समाज में हमेशा बेटियों की तरह माना जाता है। उनका इस तरह से असम्मान गलत है।”