केयर्न एनर्जी ने एयर इंडिया पर ठोका मुकदमा, सरकार ने नहीं दिए 1.2 अरब डॉलर तो गंवाने पड़ सकते हैं विमान

केयर्न ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट की अदालत में एयर इंडिया के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया। इसमें कहा गया है कि एयर इंडिया और भारत सरकार से बकाया राशि वसूली जानी चाहिए।

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केयर्न एनर्जी ने सरकारी एयर इंडिया पर 1.2 अरब डॉलर मुकदमा दायर किया था। भारत के खिलाफ अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर यह मुकदमा केयर्न एनर्जी ने जीता है। इस कदम से भारत सरकार पर 1.2 अरब डॉलर से अधिक का ब्याज और लागत का भुगतान करने का दबाव बढ़ गया है। दिसंबर में ही एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण द्वारा ब्रिटिश फर्म केयर्न ने यह फैसला सुनाया था। अब अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर इस मुकदमे  के बारे में न्यायालय ने कहा कि भारत ने ब्रिटेन के साथ एक निवेश संधि का उल्लंघन किया जिसके कारण भारत को यह भुगतान करना होगा।

केयर्न ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट की अदालत में एयर इंडिया के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया। इसमें कहा गया है कि एयर इंडिया और भारत सरकार से बकाया राशि वसूली जानी चाहिए। पिछले साल दिसंबर में आए केयर्न एनर्जी के पक्ष में आए फैसले की वजह से भारत सरकार को करीब 1.2 अरब डॉलर ब्याज के साथ देने को कहा गया था। केयर्न पहले ही 21 भारत के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, कनाडा की अदालतों में मामला दायर कर  चुकी है।

केयर्न ने पहले कहा था कि वह अभी भी भारत के साथ समझौता करना चाहती है लेकिन अगर वार्ता विफल हो जाती है तो वह भारतीय सम्पति को जब्त कर सकती है । हालांकि, केयर्न ने जनवरी से ही विदेशों में भारतीय संपत्तियों की पहचान करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया था। केयर्न का यह कदम संभावित रूप से इस साल सरकारी स्वामित्व वाली एयर इंडिया को बेचने के भारत के प्रयासों को खतरे में डाल सकता है। दरअसल भारत सरकार ने  दिसंबर में कहा था कि घाटे में चल रही एयर इंडिया कंपनी को निजीकरण करने के लिए कदम उठा रही है, और उसे अच्छे ग्राहक भी मिल रहे है।

हालांकि, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सरकार और एयर इंडिया को इस तरह के मुकदमे का कोई औपचारिक नोटिस नहीं मिला है। जब भी ऐसी कोई सूचना प्राप्त होगी सरकार या संबंधित संगठन ऐसी कार्रवाई से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। एयर इंडिया ने टिप्पणी मांगने वाले अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया।

इस साल की शुरुआत में, मलेशियाई अदालत ने कुआलालंपुर में उतरे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के बोइंग 777 विमान को जब्त करने की अनुमति दी थी, जब डबलिन स्थित एयरकैप ने बकाया राशि पर ब्रिटिश अदालत में मुकदमा दायर किया था। दोनों पक्षों के मैत्रीपूर्ण समझौते पर पहुंचने के लगभग दो सप्ताह बाद जेट को रिहा कर दिया गया।

एयर इंडिया एकमात्र भारतीय वाहन  है जो संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा जैसे गंतव्यों के लिए लंबी दूरी की उड़ानें भरती है। हाल ही में भारत में आई महामारी की दूसरी लहर के कारण इसकी विदेशी उड़ानें प्रभावित हुई है।