कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्विटर बायो से हटाया ‘कांग्रेस’, सिद्धू पर सुनील जाखड़ भी भड़के

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली बार के सर्वेक्षण में आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है, कांग्रेस नीचे जा रही है। कांग्रेस की लोकप्रियता में 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। कहा कि पंजाब में नई ताकत आ रही है। नई पार्टी बनाने के बारे में कहा, “जब कोई कदम उठाऊंगा तो पता चल जाएगा।”

Punjab, Congress, Former CM पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फोटो- एएनआई)

पंजाब कांग्रेस में कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों को खत्म करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को साफ कर दिया कि वे अब कांग्रेस में नहीं रहेंगे। कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा देंगे। इसके कुछ ही देर बाद ही उनके ट्विटर हैंडल के बायो से कांग्रेस नाम हटा दिया गया। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की।

इधर, उथल-पुथल के बीच राज्य के पूर्व पार्टी प्रमुख सुनील जाखड़ ने गुरुवार को कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के अधिकार को बार-बार कम करने के प्रयासों को समाप्त करना चाहिए। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के इस ऐलान के बाद कि वह बातचीत के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात करेंगे, कहा कि राज्य के महाधिवक्ता और राज्य पुलिस प्रमुख के चयन पर लगाए जा रहे “आक्षेप” वास्तव में सीएम की “ईमानदारी पर सवाल” हैं। इन्हें सहन नहीं किया जाना चाहिए।

एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “पिछली बार के सर्वेक्षण में आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है, कांग्रेस नीचे जा रही है। कांग्रेस की लोकप्रियता में 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। नवजोत सिंह सिद्धू पर लोगों को विश्वास नहीं है।” उन्होंने कहा कि पंजाब में नई ताकत आ रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह नई पार्टी बनाएंगे तो सिंह ने कहा, “जब कोई कदम उठाऊंगा तो उस बारे में आपको पता चल जाएगा।”

डोभाल से मुलाकात के संदर्भ में उन्होंने कहा, “सुरक्षा चिंताओं को लेकर मैं उनसे मिला हूं। मैं मुख्यमंत्री भले ही नहीं हूं, लेकिन पंजाब तो हमारा है…पहले जैसे हालात न पैदा हों, एनएसए से मुलाकात का यही मकसद था।”

गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर सिंह ने कहा, “किसान आंदोलन को लेकर एक साल पूरा हो गया। कुछ तो समाधान निकलना चाहिए। मुझे डर है कि इससे पंजाब में दिक्कतें पैदा हो सकती हैं, यह मैं नहीं चाहता।” उनके मुताबिक, “मैने गृह मंत्री से कहा है कि किसानों की मांग मानने और फसल विविधीकरण के लिए पंजाब को 25 हजार करोड़ रुपये दिये जाएं।”

सिद्धू पर एक बार फिर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि वह गंभीर व्यक्ति नहीं हैं और सबको साथ लेकर काम नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “वह बेहद शिक्षित व्यक्ति हैं। मेरे साथ मंत्री के तौर पर उन्होंने अच्छा काम किया। यह जरूरी है कि सिद्धू उनको काम करने दें। सिद्धू हावी होना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को ‘जी 23’ की बात सुननी चाहिए। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ टकराव के बाद अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया। सिद्धू ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।