‘कोई भी किसान आंदोलन का समर्थन करता है तो वह देशद्रोही हो जाता है’, अर्णब के डिबेट में बोलीं प्रियंका राणा

प्रियंका का कहना था कि बात चाहें पीटर फ्रेडरिक की हो या फिर कोई और। सभी को सरकार आतंकी करार दे रही है। अमेरिका पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का सबसे बड़ा दुश्मन है और वहां का नागरिक उस एजेंसी का एजेंडा चला रहा है।

Disha Ravi

रिपब्लिक टीवी पर अर्णब गोस्वामी के डिबेट में प्रियंका राणा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आज कोई भी किसान आंदोलन का समर्थन करता है तो वह देशद्रोही हो जाता है। उनका कहना था कि यह सुनते हुए भी हंसी आ रही है।

प्रियंका का कहना था कि बात चाहें पीटर फ्रेडरिक की हो या फिर कोई और। सभी को सरकार आतंकी करार दे रही है। अमेरिका पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का सबसे बड़ा दुश्मन है और वहां का नागरिक उस एजेंसी का एजेंडा चला रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका अपने देश में पीटर को बिठाकर आईएसआई की गतिविधियों को संचालित कर रहा है।

उनका कहना था कि सरकार किसी को भी नहीं बख्श रही है। पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार इतनी ज्यादा डरी हुई है कि किसान आंदोलन को किसी भी तरह से कुचलने को आमादा है। किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने 26 जनवरी पर षडयंत्र करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की और अब टूलकिट के जरिए किसानों का समर्थन करने वाले लोगों को निशाना बना रही है।

गौरतलब है कि पीटर फैड्रिक पेशे से लेखक है। उसे साउथ एशिया के मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है। पुलिस के मुताबिक पीटर फैड्रिक बताता था कि सोशल मीडिया पर किसे है टैग करना है, क्या हैशटैग करना है और किस पोस्ट को ट्रेंड करवाना है। बकौल पुलिस पीटर फैड्रिक खालिस्तानी आतंकी भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी का साथी है। उसने 2018 में ट्विटर ज्वाइन किया था। साल 2006 से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है।

विपक्षी दलों का कहना है कि पुलिस के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि अगर पीटर 2006 से निशाने पर है तो उसे अब तक गिरफ्तार करने के लिए कोशिशें क्यों नहीं की गईं। अचानक ही सरकार को उसकी याद तब क्यों आ गई, जब दिल्ली की सीमा पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले पुलिस ने पीटर के बारे में क्यों कुछ नहीं बोला।