कोई श्रीराम का नाम लेकर बम नहीं फोड़ता, बच्चियों को नहीं मारता- बोले संबित पात्रा तो JAP प्रवक्ता ने दिया ऐसा जवाब

सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और जन अधिकार पार्टी के प्रवक्ता शोएब जमई के बीच एक टीवी डिबेट के दौरान तालिबान के मुद्दे पर बहस छिड़ गई।

sambit patra, shoeb jamai, taliban संबित पात्रा ने कहा कि राम के नाम पर कोई आतंकी गतिविधि नहीं होती (File Photo)

अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा हो चुका है। अफ़ग़ानिस्तान में फंसे विदेशी नागरिक और बड़ी संख्या में अफ़गानी भी देश छोड़कर भागने की कोशिश में हैं। इस बीच ऐसी ख़बरें हैं कि एयरपोर्ट के अंदर जाने वालों को रोकने की कोशिश में गुरुवार को लगातार फायरिंग की गई। भारत में तालिबान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और जन अधिकार पार्टी के प्रवक्ता शोएब जमई के बीच भी एक टीवी डिबेट के दौरान तालिबान के मुद्दे पर बहस छिड़ गई।

न्यूज़ 18 इंडिया के डिबेट शो, ‘आर पार’ में बोलते हुए शोएब जमई ने कहा कि जो लोग भगवान का नाम लेकर लोगों को मारते हैं, वो भी आतंकी किस्म के लोग हैं। वो बोले, ‘जो दुनिया भर में अल्लाह हु अकबर का नाम लेकर जुल्म करते हैं, वो भी जलील और आतंकी किस्म के लोग हैं। और जो श्रीराम का नाम लेकर बच्ची को मारते हैं, कानपुर के गरीब आदमी को मारते हैं, वो भी उसी मानसिकता के लोग हैं।’

उनकी बातों का विरोध करते हुए संबित पात्रा ने कहा, ‘नहीं, नहीं। कोई श्रीराम का नाम लेकर बम नहीं फोड़ता, कोई श्रीराम का नाम लेकर बच्चियों को नहीं मारता। आप झूठ मत बोलिए। आप अल्लाह हु अकबर वाले बात की आलोचन करिए लेकिन श्रीराम के नाम को बदनाम मत करिए।’

इसी बीच शोएब जमई ने कहा कि चाहें वो किसी भी धर्म के लोग हों, अपने आराध्य का नाम लेकर लोगों को नहीं मार सकते। संबित पात्रा ने उनकी बातों पा आपत्ति जताते हुए शो के एंकर अमिश देवगन से कहा, ‘अमीश जी, मुझे आपत्ति है। मैं नहीं सुनने वाला। मैं बिलकुल सख्त हूं। जय श्रीराम को बदनाम न किया जाए। भगवान राम को आतंक से न जोड़ा जाए।’

इसी दौरान शोएब जमई ने जंतर-मंतर पर घटित हालिया घटना का ज़िक्र किया जिस पर संबित पात्रा बोले, ‘कोई भगवान राम के नाम पर आतंकी गतिविधि नहीं करता है। ये गलत बात है। आप माफ़ी मांगिए।’

बता दें, भारत छोड़ो आंदोलन की पुण्यतिथि पर बीजेपी नेता और एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन में मुस्लिम धर्म के विरुद्ध भड़काऊ नारेबाजी की गई। इस मामले में 10 अगस्त 2021 को अश्विनी उपाध्याय समेत पांच लोगों की गिरफ़्तारी भी की गई।