कोतवाली में बंद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर से मिलने पहुंचीं पत्नी, पुलिस से हुई तकरार

शनिवार को ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में शनिवार को गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। अमिताभ पहले से ही जेल में बंद हैं।

Nutan Thakur, Amitabh Thakur, Amitabh Thakur Wife पूर्व आईएएस अफसर अमिताभ ठाकुर अपनी पत्नी व सोशल एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः विशाल श्रीवास्तव)

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार (27 अगस्त, 2021) को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कोतवाली में बंद कर दिया गया था। पति को घर से जबरन उठाए जाने के बाद पत्नी नूतन हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त राघवेंद्र कुमार मिश्रा के दफ्तर जा पहुंचीं थीं। उन्होंने इस दौरान पति से मिलने का प्रयास किया, पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें भेंट न करने दी, जिस पर वह भड़कीं और बोलीं कि जिनका नाम पहले लिया गया, उन्हें तो अरेस्ट नहीं किया गया।

जानकारी के मुताबिक, वह उस कमरे के बाहर तक जा पहुंची थीं, जहां पति को बंद किया गया था। बाहर पुलिसकर्मी रोक रहे थे, तब वह पुलिस वालों से कहने लगीं, “एक आदमी तो अलाउ है। आप मुझे जाने दें। अरेस्ट कर के लाएं हैं। कानून के मुताबिक मुझे उनसे बात करने दीजिए। मैं वकील भी हूं। मैं उनकी एडवोकेट भी हूं।”

वह आगे भड़कते हुए बोलीं- आप लोग जिस तरह जबरन घर से खींचकर और टांगकर लाए हैं…मतलब कोई चीज का तरीका होता है। घटना दिल्ली की है और एफआईआर यहां पर…ऐसे तो दाखिल होती नहीं है। आए आनन-फानन में…और अफसरों को क्यों नहीं अरेस्ट किया गया? जिनका पहले नाम लिया गया, उनको क्यों नहीं किया गया? कारण भी नहीं बता रहे हैं आप लोग?

नूतन ने मीडिया को बाद में बताया, “गोरखपुर जाने की बात थी। आज पुलिस वाले हमारे घर पर सुबह तैनात किए गए। फिर दोपहर को तमाम पुलिस वाले आए और उनसे बोले कि साथ चलें। कोई कारण स्पष्ट नहीं किया। बस इतना बताया कि हम कह रहे हैं तो हमारे साथ चलें। गिरफ्तारी के सवाल पर पूछताछ का हवाला दिया गया और कहा गया कि चलना ही होगा।”

मीडिया के जरिए जो कारण पता लगा कि दिल्ली में एक युवक और युवती ने सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह किया था, उस मामले में अरेस्ट किया गया। पर घटना दिल्ली की है। कार्रवाई होती तो वहां होती। शुद्ध रूप से सियासी कारण से, परेशान करने के लिए उन्हें अरेस्ट किया गया। कोई सूचना भी नहीं दी गई। घर से जबरन उठा लाए। कोई दस्तावेज भी नहीं मुहैया कराया, ताकि हम कोई कानूनी प्रक्रिया को अपनी ओर से आगे बढ़ा सकें।

बता दें कि शनिवार को ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में शनिवार को गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। अमिताभ पहले से ही जेल में बंद हैं। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि ठाकुर दंपति के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ मारपीट करने का मामला गोमतीनगर पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। आरोप है कि शुक्रवार को जब पुलिसकर्मी ठाकुर को गिरफ्तार करने गये थे तो उन्होंने और उनकी पत्नी ने उनके काम में बाधा डाली थी और कथित तौर पर मारपीट की थी।