कोयंबटूर रेप केस पर बोले IAF चीफ- पीड़िता का नहीं हुआ ‘टू फिंगर टेस्ट’, चीन की चुनौती पर कहा- हम पूरी तरह से तैयार

एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा चीनी वायु सेना अभी वास्तविक नियंत्रण रेखा के तीन एयर बेस पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि चीन की चुनौतियों का सामना करने के लिए एयरफोर्स पूरी तरह से तैयार और तैनात है।

iaf chief on china, Coimbatore rape case, IAF Chief Marshal VR Chaudhari प्रेस कांफ्रेंस में एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी (फोटो- एएनआई)

भारतीय एयरफोर्स (IAF) के चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा है कि कोयंबटूर बलात्कार मामले के संबंध में टू-फिंगर टेस्ट नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एयरफोर्स का लॉ ऐसे मामले को लेकर बहुत सख्त है। वहीं चीन पर बात करते हुए वीआर चौधरी ने कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं।

कोयंबटूर रेप केस पर बात करते हुए चीफ मार्शल ने कहा- “IAF कानून ऐसी किसी भी घटना पर बहुत सख्त है। एक महिला अधिकारी पर किए गए टू-फिंगर टेस्ट को गलत बताया गया है। कोई टू-फिंगर टेस्ट नहीं किया गया था। हम नियमों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और सभी तरह की उचित कार्रवाई की जाएगी”।

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने एयरफोर्स की 89वीं वर्षगांठ पर मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कही। बता दें कि भारतीय वायु सेना की एक महिला अधिकारी ने अपने एक सहयोगी पर कोयंबटूर एयरफोर्स इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण के दौरान बलात्कार करने का आरोप लगाया था। जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। महिला अधिकारी ने अपनी पुलिस शिकायत में कहा कि उसका टू-फिंगर रेप टेस्ट भी कराया गया। इस टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा रखा है।

एयर चीफ ने चीन की चुनौतियों पर इस प्रेस कांफ्रेस में कहा कि वायुसेना हर चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीनी वायु सेना अभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तीन एयर बेस पर मौजूद है। जिसके लिए हम तैयार और तैनात हैं। वायु सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि उच्च ऊंचाई वाले अभियानों को लॉन्च करने की चीनी क्षमता कमजोर है। राफेल और अपाचे को शामिल करने से एयरफोर्स की युद्ध क्षमता में काफी वृद्धि हुई है।

वायुसेना प्रमुख ने कहा- “राफेल, अपाचे को शामिल करने से हमारी युद्ध क्षमता में काफी इजाफा हुआ है। हमारे बेड़े में नए हथियारों के आने से हमारी आक्रामक स्ट्राइक क्षमता और भी अधिक शक्तिशाली हो गई है”।

उन्होंने आगे कहा कि हमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से छह लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर जल्द ही मिल जाएंगे। पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से रिटायर करने और नए विमानों को शामिल करने के हिसाब से हमारे पास अगले दशक तक लगभग 35 लड़ाकू विमानों का स्क्वाड्रन होगा।