कोयले को लेकर पंजाब की केंद्र से गुहार, सीएम बोले- स्टॉक हो रहा खत्म, लोगों से की बिजली की खपत कम करने की अपील

देश के कई राज्य इस समय कोयले की संकट का सामना कर रहे हैं। जिसके कारण राज्यों के बिजली संयंत्रों को बंद करना पड़ रहा है। पंजाब ने सरकार से कोटे के अनुसार कोयले की मांग की है। साथ ही लोगों से बिजली कम खपत करने की भी अपील की है।

punjab power crisis, coal shortage, delhi power cut, पंजाब तो तुरंत कोयला दे केंद्र- सीएम चन्नी (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

देश के कई राज्यों में कोयले का संकट गहराता जा रहा है। जिससे देश में उर्जा संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली के बाद पंजाब ने भी केंद्र से कोयले की आपूर्ति को ठीक करने की मांग की है। पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने इसके लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। राजस्थान समेत कई राज्य पहले से ही कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शविनार को केंद्र सरकार से बिजली संकट से निपटने के लिए कोटा के अनुसार राज्य को कोयले की आपूर्ति को तुरंत बढ़ाने के लिए कहा है। सीएम ने कहा कि तेजी से घटते कोयले के भंडार के कारण पंजाब ने थर्मल प्लांटों को बंद कर दिया है।

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने कहा कि तलवंडी साबो बिजली संयंत्र, रोपड़ संयंत्र में दो-दो इकाइयां और लहर मोहब्बत संयंत्र में एक इकाई बंद कर दी गई है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि बिजली की खर्च कम करें।

इससे पहले दिल्ली सरकार भी बिजली की कमी की चेतावनी दे चुकी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को जल्द ही बिजली की कमी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि देश भर में कोयला संकट से बिजली संयंत्रों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है जो राजधानी को भी बिजली की आपूर्ति करते हैं।

सीएम केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिजली संयंत्रों में कोयले और गैस से उत्पादन संयंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- “दिल्ली को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा हूं। हम इससे बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, मैंने माननीय पीएम को पत्र लिखकर उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है”।

राजस्थान के थर्मल प्लांटों में भी कोयले की कमी हो गई है। जिसके कारण राज्य पावर कट का सामना कर रहा है। कुछ प्लांट कोयले की कमी के कारण बंद हैं, जबकि कुछ में एक या दो दिनों का कोयला बचा है। राजस्थान की सरकार ने 10 प्रमुख शहरों में पावर कट करने की घोषणा की है।

झारखंड, आंध्र प्रदेश और बिहार में बिजली संयंत्रें भी कोयले की कमी से जूझ रही है। भारत के 135 कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों में से आधे से अधिक के पास संघीय ग्रिड ऑपरेटर के आंकड़ों के अनुसार दो दिनों से कम का ईंधन स्टॉक है। ये संयंत्र देश में लगभग 70% बिजली की आपूर्ति करते हैं।