कोरोनाः इस देश को नर्क बना दिया है और हम सबको बेचारा बनाकर छोड़ दिया गया है- जज्बाती हो पत्रकार ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

पत्रकार नवीन कुमार ने कहा कि यहां कोई अफसरशाही नहीं है। सबको अपने-अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। मैंने इससे पहले किसी भी डॉक्टर को ऐसे रोते हुए नहीं देखा है।

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कोरोना महामारी कै भयावह रूप और लोगों की परेशानी के लिए केंद्र और राज्यों की सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लोग यह भी सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर जब एक साल से ज्यादा का वक्त मिला तब क्या तैयारियां की गईं। पत्रकार नवीन कुमार भी कोरोना संक्रमित हैं और उन्होंने एक वीडियों में अपना दर्द बयां किया। बोलते हुए वह भावुक होकर फूट पड़े।

जज्बाती होते हुए नवीन कुमार ने कहा, यहां न तो प्रधानमंत्री हैं और न ही कोई व्यवस्था है। देश को नर्क बना दिया गया है और हमको बेचारा बनाकर छोड़ दिया गया है। नवीन कुमार ने कहा, ‘यहां कोई अफसरशाही नहीं है। सबको अपने-अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। मैंने इससे पहले किसी भी डॉक्टर को ऐसे रोते हुए नहीं देखा है। डॉक्टर कहते हैं कि हम इस दिन के लिए इस पेशे में नहीं आए थे। ऑक्सीजन के बिना पेशेंट तड़प-तड़पकर मर जाते हैं।’

पत्रकार ने कहा, ‘आज से एक साल बाद हमारे डॉक्टर जिस मानसिक बीमारी से गुजरेंगे, उसका हमें अंदाजा नहीं है। देश को नर्क बना दिया गया है। हमको बेचारा बनाकर छोड़ दिया गया है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह वक्त शायद गुजर जाएगा लेकिन जब गुजरा हुआ वक्त हमारे सामने तो मुझे नहीं मालूम, मैं रहूंगा या नहीं रहूंगा। लेकिन जो लोग भी रहेंगे वो सोचेंगे कि आने वाली नस्लों के लिए मंदिर और मस्जिद के झगड़ों से ऊपर उठना होगा। उनको सोचना होगा कि देश को मंदिर और मजारों की नहीं अच्छे अस्पतालों और स्कूलों की जरूरत है।’

बता दें कि नवीन कुमार कई टीवी चैनलों में काम कर चुके हैं और उनके वॉइस ओवर को अलग पहचना मिली है। उन्होंने देश के हालात को शब्दों में बयां करने की कोशिश की। कोरोना महामारी की दूसरी लहर इतनी घातक है कि आंकड़े भी सच नहीं बोल पा रहे हैं। आज के आंकड़े की बात करें को कोरोना ने 3 हजार 6 सौ से ज्यादा लोगों की जान ले ली। हालांकि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा होगी।