कोरोनाः गोवा में ऑक्सीजन संकट! 4 दिन में 74 मौतें, घिरे भाजपाई CM के खिलाफ GFP ने दी शिकायत

गोवा स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से और मौतें नहीं होनी चाहिए।

Goa, Oxygen Shortage

देशभर में पिछले एक महीने से जारी कोरोनावायरस के कहर के बीच राज्यों में ऑक्सीजन का संकट अभी भी जस का तस है। पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद राज्य सरकारें आपूर्ति को लेकर गंभीर नहीं हो पा रही हैं। ऑक्सीजन की कमी का ताजा शिकार गोवा हुआ है। यहां राज्य की सबसे बड़ी कोरोना फैसिलिटी में तीन दिन के अंदर ऑक्सीजन संकट से 74 लोगों की जान चली गई है।

यह चौंकाने वाला मामला इसलिए भी है, क्योंकि तीन दिन पहले ही गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में रात को ऑक्सीजन प्रेशर कम होने से 26 मरीजों की मौत हुई थी। इसके बाद गोवा स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी से और मौतें नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इसके बावजूद GMCH में की कमी पैदा होने से बुधवार को 20, गुरुवार को 15 और शुक्रवार सुबह तक 13 और मरीजों की मौत हो गई।

इस बीच गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने जीएमसीएच में ऑक्सीजन की बाधित आपूर्ति के चलते हुई मौतों के लिए गोवा के सीएम प्रमोद सावंत और मुख्य सचिव परिमल राय के साथ नोडल अफसर पर भी मुकदमा दर्ज कराया है।

बताया गया है कि अस्पताल के डॉक्टर और भर्ती मरीजों के रिश्तेदार पूरी रात ऑक्सीजन प्रेशर के गिरने को लेकर फोन करते रहे। हाईकोर्ट में 26 लोगों की मौत को लेकर पीआईएल दाखिल करने वाले एक याचिकाकर्ता ने बताया कि रात में उन्हें भी अस्पताल को लेकर एक आपात फोन आया था। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने ने तुरंत ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन किया और पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्रेशर 20 मिनट बाद ही ठीक किया जा सका, जो कि 15 मरीजों के लिए घातक साबित हुआ।

GMCH के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया कि हॉस्पिटल की सेंट्रल पाइपलाइन में प्रेश रात करीब 1 बजे गिरना शुरू हो गया। बचाने की कोशिशों के बावजूद तीन मरीजों की जान चली गई। डॉक्टर के मुताबिक, इस दौरान कई मरीजों के परिजन उन्हें मदद की गुहार लगाते रहे, सभी का कहना था कि मरीज सांस के लिए तड़प रहे हैं और उनका ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल 40-50 तक पहुंच गया। डॉक्टर ने बताया कि बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात के बीच ऑक्सीजन का प्रेशर करीब पांच से छह बार गिरा। इससे पहले करीब दो हफ्तों से अस्पताल में लगातार ऑक्सीजन का गिरना-चढ़ना जारी रहा है।

बता दें कि 11 मई को जीएमसीएच में तड़के 26 कोविड -19 रोगियों की मौत हो गई। इन सभी की मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण बताई गई थीं। इसके बाद कोर्ट में मरीजों की मौत को लेकर पीआईएल दायर की गई थी, जिस पर अदालत ने सरकार को जबरदस्त फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से कतरा रही है और समस्या पर बहाना बनाने की कोशिश कर रही है।