कोरोनाः सैन्य बलों को इमरजेंसी वित्तीय शक्तियां देने के मसले पर रक्षा मंत्री के दफ्तर ने पहले किया ट्वीट, फिर 10 मिनट बाद कर दिया डिलीट; जानें- क्यों?

सरकार ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सशस्त्र बलों को आपातकालीन वित्तीय शक्तियां प्रदान की हैं।

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कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के आगे सरकार के तरफ किए जा रहे सभी प्रयास लगभग विफल साबित हो रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ विपिन रावत के साथ भी मीटिंग की थी। इसके अलावा सरकार ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सेना को आपातकालीन आर्थिक शक्ति भी दी है। आपातकालीन शक्ति देने का ऐलान रक्षा मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल से किया। हालांकि इस ट्वीट से पहले रक्षा मंत्रालय के ही ट्विटर हैंडल से आपातकालीन वित्तीय शक्ति को लेकर एक और ट्वीट किया गया था। जिसे थोड़े देर के बाद ही हटा दिया गया था।

द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के मुताबिक शुक्रवार को रक्षा मंत्री के कार्यालय ने सशस्त्र बलों को महामारी से लड़ने के लिए आपातकालीन वित्तीय अधिकार देने के बारे में ट्वीट किया। लेकिन उस ट्वीट को सिर्फ 10 मिनट के अंदर ही हटा लिया गया। दरअसल उस ट्वीट में कुछ गलती थी जिसकी वजह से ट्वीट का पूरा अर्थ ही बदल गया था।

रक्षा मंत्री के कार्यालय के ट्वीट में लिखा गया था कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सशस्त्र बलों को सशक्त बनाने के लिए शक्तियां दी गई थीं, इसलिए कोविड महामारी के राष्ट्रव्यापी उन्मूलन में अपने प्रयासों को तेज करें। जबकि सरकार की तरफ ऐसा कोई ऐलान पहले नहीं किया गया था। हालांकि तुरंत ही रक्षा मंत्रालय ने उस ट्वीट को डिलीट करते हुए एक और ट्वीट किया। रक्षा मंत्रालय ने लिखा कि सशस्त्र बलों को सशक्त बनाने और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने प्रयासों को तेज करने के लिए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने विशेष प्रावधानों को लागू किया है और सशस्त्र बलों को आपातकालीन वित्तीय शक्तियां प्रदान की हैं।

इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने एक और ट्वीट में लिखा कि इस तरह की शक्तियां मिलने के बाद अब सेना स्वयं कोविड अस्पतालों का निर्माण कर सकेगी। साथ ही सेना कोविड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर्स, आइसोलेशन और क्वांरटीन फैसिलिटी के लिए जरुरी सामान भी खरीद सकेगी। इससे कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में बल मिलेगा।

 

सेना को यह अधिकार तीन महीनों के लिए दिए गए हैं। 1 मई से लेकर तीन जुलाई तक के बीच सेना के अधिकारी अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकेंगे। रक्षा मंत्रालय के इस आदेश के अनुसार  कॉर्प्स कमांडर्स, एरिया कमांडर्स को 50 लाख  तक के अधिकार दिए गए हैं।