कोरोनाः 24 घंटे में रिकॉर्ड 4,14,188 नये केस, डॉ विवेक मूर्ति बोले- महामारी की दूसरी लहर है त्रासदी

भारतीय मूल के अमेरिकी मूर्ति ने एक समाचार चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘कोविड-19 ने हमें यही सिखाया है कि इस महामारी से निपटने के लिए हमें एकजुट होना होगा। पूरी दुनिया के रूप में हमें एक दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है।

Author भाषा नयी दिल्ली/वाशिंगटन | Updated: May 7, 2021 11:29 AM

देश में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 4,14,188 नये मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले 2,14,91,598 हो गए जबकि देश में 36 लाख से अधिक मरीज अब भी इस बीमारी की चपेट में हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शुक्रवार को सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 3,915 लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,34,083 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों के बीच उपचाराधीन मरीजों की संख्या 36,45,164 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.96 प्रतिशत है जबकि देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 81.95 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की कुल संख्या 1,76,12,351 हो गई है जबकि बीमारी से मरने वालों की दर 1.09 फीसदी दर्ज की गई।

देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी। वहीं कोविड-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी। इसके बाद 28 सितंबर को कोविड-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ के पार हो गए थे। भारत ने चार मई को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए दो करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, छह मई तक 29,86,01,699 नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 18,26,490 नमूनों की बृहस्पतिवार को जांच की गई। मौत के नये मामलों में, सर्वाधिक 853 मौत महाराष्ट्र में, उत्तर प्रदेश में 350, दिल्ली में 335, कर्नाटक में 328, छत्तीसगढ़ में 212, तमिलनाडु में 195, हरियाणा में 177, पंजाब में 154, उत्तराखंड में 151, झारखंड में 133, गुजरात में 123, पश्चिम बंगाल में 117 लोगों की मौत हो गई।

देश में अबतक हुई कुल 2,34,083 मौत में से 73,515 महाराष्ट्र में, 18,398, दिल्ली में, 17,212 लोगों की कर्नाटक में, 14,974 की तमिलनाडु में, 14,501 उत्तर प्रदेश में, 11,964 लोगों की पश्चिम बंगाल में, 9,979 की पंजाब में, 9,645 लोगों की पंजाब में और 9,950 की छत्तीसगढ़ में मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है।

इसी बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस के सभी स्वरूपों का वैज्ञानिक तरीकों से पता लगाने के साथ ही पूरी दुनिया को इस बारे में अवगत कराया जाए तथा सभी भारतीय नागरिकों को जल्द टीका लगाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर यह आरोप भी लगाया कि सरकार की ‘विफलता’ के कारण देश एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर के लॉकडाउन के मुहाने पर खड़ा हो गया है और ऐसे में गरीबों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाए ताकि उन्हें पिछले साल की तरह पीड़ा से नहीं गुजरना पड़े।

पत्र में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं आपको एक बार फिर पत्र लिखने के लिए विवश हुआ हूं क्योंकि हमारा देश कोविड सुनामी की गिरफ्त में बना हुआ है। इस तरह के अप्रत्याशित संकट में भारत के लोग आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होने चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप देश के लोगों को इस पीड़ा से बचाने के लिए जो भी संभव हो, वह करिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के हर छह लोगों में से एक व्यक्ति भारतीय है। इस महामारी से अब यही पता चला है कि हमारा आकार, आनुवांशिक विविधता और जटिलता से भारत में इस वायरस के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल मिलता है कि वह अपने स्वरूप बदले तथा अधिक खतरनाक स्वरूप में सामने आए। मुझे डर इस बात का है कि जिस ‘डबल म्यूटेंट’ और ‘ट्रिपल म्यूटेंट’ को हम देख रहे हैं, वह शुरुआत भर हो सकती है।’’

उनके मुताबिक, इस वायरस का अनियंत्रित ढंग से प्रसारित होना न सिर्फ हमारे देश के लोगों के लिए घातक होगा, बल्कि शेष दुनिया के लिए भी होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया, ‘‘इस वायरस एवं इसके विभिन्न स्वरूपों के बारे में वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जाए। सभी नए म्यूटेशन के खिलाफ टीकों के असर का आकलन किया जाए। सभी लोगों को तेजी से टीका लगाया जाए। पारदर्शी रहा जाए और शेष दुनिया को हमारे निष्कर्षों के बारे में अवगत कराया जाए।’’

उधर, अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति ने संकट के समय सभी देशों द्वारा एक दूसरे की मदद करने की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर एक त्रासदी है। भारतीय मूल के अमेरिकी मूर्ति ने एक समाचार चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘कोविड-19 ने हमें यही सिखाया है कि इस महामारी से निपटने के लिए हमें एकजुट होना होगा। पूरी दुनिया के रूप में हमें एक दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है। टीकों के संदर्भ में दुनियाभर में उसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी है ताकि लोगों को उपचार उपलब्ध हो, उन्हें पीपीई किट की आपूर्ति हो क्योंकि दुनिया में कहीं भी कोविड-19 का खतरा अंतत: हर देश के लिए खतरा है।’’

भारत में मौजूदा कोविड-19 संकट पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका भी ऐसी स्थिति का सामना कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा ही इसकी संभावना रहेगी और हमें सतर्क रहना होगा। मुझे आशा है कि अगर हम टीकाकरण अभियान के प्रयासों को जारी रखें तो हम देश में अच्छा करेंगे।’’ मूर्ति ने कहा, ‘‘भारत में जो कुछ हो रहा है वह एक त्रासदी है। भारत के सामने दो या कई सारी चुनौतियां हैं, लेकिन वहां अभी वायरस का जो नया स्वरूप बी 117 मौजूद है वह पहले यहां अमेरिका में भी तबाही मचा चुका है और हम जानते हैं कि वायरस का यह स्वरूप पिछले साल अमेरिका में मौजूद स्वरूप से 50 प्रतिशत अधिक तेजी से संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है।’’ उन्होंने कहा कि वायरस के 617 स्वरूप अधिक घातक हो भी सकते हैं और नहीं भी हो सकते हैं। डॉक्टर अब भी इन्हें समझने का प्रयास कर रहे हैं।