कोरोनाः 31 मार्च तक को केंद्र ने बढ़ाई मौजूदा गाइडलाइंस, जानिए डिटेल्स

गृह मंत्रालय के मुताबिक, कोरोनावायरस के प्रसार की रोकथाम से जुड़े दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, कोविड की रोकथाम में सहायक व्यवहार को बढ़ावा दिया जाए और सख्ती से लागू किया जाए।

Coronavirus, COVID-19 Vaccine

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए लागू गाइडलाइंस को आगे बढ़ा दिया है। देशभर में अब COVID-19 से जुड़े दिशानिर्देश 31 मार्च तक लागू रहेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोरोनावायरस के उपाचाराधीन और संक्रमण के नए मामलों में काफी कमी आई है, लेकिन निगरानी, रोकथाम और सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है ताकि महामारी से पूरी तरह से उबरा जा सके।

टीकाकरण प्रक्रिया में तेजी लाने की सलाह: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लक्षित आबादी समूह का टीकाकरण करने में तेजी लाने की भी सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके और महामारी को खत्म किया जा सके। गृह मंत्रालय ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए निरूद्ध क्षेत्रों का सीमांकन सावधानीपूर्वक जारी रखा जाए, वायरस के प्रसार की रोकथाम से जुड़े दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, कोविड की रोकथाम में सहायक व्यवहार को बढ़ावा दिया जाए और सख्ती से लागू किया जाए और विभिन्न अनुमति प्राप्त गतिवधियों के सबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का ईमानदारी से अनुपालन किया जाए।

मंत्रालय ने कहा कि इसलिए 27 जनवरी को जारी दिशानिर्देशों एवं एसओपी को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सख्ती से लागू किये जाने की जरूरत है। बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर निगरानी, रोकथाम और सतर्कता के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों की समय सीमा बढ़ा दी तथा यह अब 31 मार्च तक लागू रहेगी।

गाइडलाइंस बढ़ाने की वजह- केसों में फिर हुई बढ़ोतरी: केंद्र सरकार के कोरोनावायरस गाइडलाइंस की अवधि बढ़ाने की एक वजह देश में संक्रमितों की बढ़ती संख्या मानी जा रही है। पिछले दो दिनों में देश में कोरोना के रोजाना मिलने वाले नए केस 16 हजार से ज्यादा तक पहुंच गए। इसके अलावा अब तक देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी 1.56 लाख के पार हो गई है। सबसे चिंता में डालने वाली बात एक्टिव केसों का बढ़ना है। देश में अभी 1.56 लाख एक्टिव केस हैं। ज्यादातर सक्रिय मामले महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में बढ़े हैं। इसके अलावा रोजाना होने वाली जांचों में कमी आने से पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से अधिक पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध भी 31 मार्च तक बढ़े: दूसरी तरफ अन्य देशों में कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट्स मिलने की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर भी प्रतिबंध 31 मार्च तक बढ़ा दिए गए हैं। डीजीसीए ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक पैसेंजर फ्लाइट सेवाएं 31 मार्च 2021 तक रद्द करने का फैसला लिया गया है। यह प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कार्गो ऑपरेशन और डीजीसीए की तरफ से मंजूरी पा चुकीं उड़ानों पर लागू नहीं होगा। बयान में कहा गया कि डीजीसीए कुछ चुनिंदा रूट्स पर तय फ्लाइट्स के संचालन की मंजूरी दे सकता है। बता दें कि भारत में पिछले साल मार्च से ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगी है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में बायो-बबल के तहत कुछ फ्लाइट्स को उड़ान की इजाजत दी जा रही है।

क्या है कोरोनाकाल में मौजूदा गाइडलाइंस: मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत सिनेमा हॉल और थिएटरों को कहीं अधिक दर्शकों के साथ संचालित करने की अनुमति दी गई है, जबकि स्वीमिंग पूल को सभी के उपयोग के लिए अनुमति दी गई है। एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच या एक राज्य के अंदर लोगों की आवाजाही तथा वस्तुओं की ढुलाई पर कोई पाबंदी नहीं है।