कोरोनाः PM को सोनिया ने लिया था आड़े हाथ, तो नड्डा ने पूछा- पंजाब सरीखे सूबों में मृत्युदर अधिक क्यों?

दरअसल, कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने देश में कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी ‘गलतियां’ स्वीकार करना चाहिए और इस महामारी से लड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित होना चाहिए।

Author भाषा नई दिल्ली | Updated: May 11, 2021 12:50 PM
JP Nadda, Narendra Modi, Sonia Gandhi

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कांग्रेस पर कोविड-19 के खिलाफ जारी देश की लड़ाई में लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने और भय का ‘‘झूठा माहौल’’ पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि संकट के इस दौर में राहुल गांधी सहित उसके नेताओं के व्यवहार को छल कपट और ओछेपन के लिए याद किया जाएगा।

नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे चार पन्नों के एक पत्र में यह आरोप लगाए हैं। ज्ञात हो कि सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी जिसमें कोविड-19 प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया गया था। भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों सहित पार्टी के अन्य नेताओं पर टीकों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ऐसे समय में पैदा की गई जब देश संकट से जूझ रहा है और वह भी सदियों में एक बार आने वाली महामारी से।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विज्ञान में अटूट विश्वास, नवोन्मेष को समर्थन, सहकारी संघवाद के साथ वैश्विक महामारी से निपटा जा रहा है। नड्डा ने कहा कि वह संकट के इस काल में कांग्रेस के रवैये से दुखी हैं लेकिन आश्चर्यचकित नहीं हैं। नड्डा ने सोनिया गांधी से पूछा- फरवरी, मार्च के आंकड़े बताएंगे कि कौन से राज्य कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर निगरानी रखने में नाकाम रहे और पंजाब जैसे राज्यों में मृत्युदर अधिक क्यों हैं?

दरअसल, कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने देश में कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी ‘गलतियां’ स्वीकार करना चाहिए और इस महामारी से लड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित होना चाहिए। सीडब्ल्यूसी की डिजिटल बैठक में पारित प्रस्ताव में यह आरोप भी लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया तथा टीकाकरण एवं दूसरे कदमों का पूरा उत्तरदायित्व राज्यों पर छोड़ दिया।