कोरोनाः PM ने टीके से दिया चुनावी संदेश? अधीर बोले- हाथ में गीतांजलि किताब भी ले लेते मोदी

अधीर रंजन ने कहा कि जिसने वैक्सीन लगाई वह नर्स पुदुचेरी से है जबकि पीछे खड़ी नर्स केरल की थी। पीएम के गले में असमिया गमछा था। उनकी वेशभूषा कमोबेश बंगालियों जैसी थी। PM ने टीके से चुनावी संदेश दिया।

adhir ranjan

पांच राज्यों के चुनाव से ऐन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई तो राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर कानाफूसी शुरू हो गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में पीएम पर तंज कसते हुए कहा, मोदी को अपने हाथ में गीतांजलि की किताब भी रखनी चाहिए थी। उधर, बीजेपी ने इसे गौरव का क्षण करार दिया है।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने पीएम पर कटाक्ष कर कहा कि जिसने वैक्सीन लगाई वह नर्स पुदुचेरी से है जबकि पीछे खड़ी नर्स केरल की थी। पीएम के गले में असमिया गमछा था। उनकी वेशभूषा कमोबेश बंगालियों जैसी थी। रंजन का कहना है कि PM ने टीके से चुनावी संदेश दिया। अगर मोदी अपने हाथ में गीतांजलि किताब भी ले लेते तो सारी कमी पूरी हो जाती। उन्होंने कोरोना वैक्सीन की आड़ में पीएम पर चुनावी हथकंडे अपनाने का आरोप जड़ा।

दरअसल पीएम ने वैक्सीन लगाते समय गले में असम का गमछा डाल रखा था तो उन्हें टीका लगाने का काम पुदुचेरी की नर्स निवेदा और केरल की नर्स रोशम्मा अनिल ने किया था। असम, केरल, पुदुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में जल्दी चुनाव होने हैं। जाहिर है कि इस समय पीएम की इस वेशभूषा को लेकर विपक्षी सवाल तो करेंगे ही। अधीर रंजन ने इन चीजों को लेकर ही पीएम पर ताना मारा था।

उधर, बीजेपी ने इसे गौरव का पल करार दिया है। पार्टी का कहना है कि पीएम ने खुद स्वदेशी टीका लगवाकर उन लोगों के मुंह पर तमाचा मारा है जो इस पर सवाल उठा रहे थे। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया बोले, यह गौरव का पल है। पीएम की मुस्कान देख एक आदर का भाव स्पष्ट हो जाता है। रुदाली गैंग फिर भ्रम फैलाना चाहते हैं। ये कैसा विपक्ष है, जो अपने नेताओं की बात नहीं सुनता।

गौरतलब है कि शुक्रवार को चुनाव आयोग ने बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में असेंबली चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया था। इन चार राज्यों व केंद्र शासित पुदुचेरी में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच अलग-अलग चरणों में मतदान कराया जाएगा। मतों की गणना दो मई को होगी। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही सभी चुनावी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है।