कोरोनाः UK में अब चार हफ्ते पहले दी जा सकती है टीके की दूसरी खुराक, भारतीय वैरियंट से बढ़ी चिंता

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने भी कहा कि इंग्लैंड में 21 जून से लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट की वजह से कोरोना का भारतीय स्ट्रेन “गंभीर व्यवधान” पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर इसे और संक्रामक पाया गया, तब कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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कोरोना वायरस संकट के बीच ब्रिटेन (यूके) में चार हफ्ते पहले ही टीके की दूसरी खुराक लोगों को दी जा सकती है। कारण- संक्रमण का भारतीय स्ट्रेन है, जिसने वहां के सरकारी महकमों की चिंता बढ़ा दी है।

यूके सरकार के बयान के हवाले से ब्रिटिश न्यूज एजेंसी “बीबीसी” की रिपोर्ट में बताया गया कि दूसरी खुराक को पहले लगाया जा सकता है, जबकि सर्वाधिक तरह प्रभावित इलाकों में भारतीय स्ट्रेन से निपटने के लिए स्थानीय पाबंदियां लाई जा सकती हैं। मंत्री नदीम जहवी ने बताया कि इन कदमों में कई पीढ़ियों के घरों में युवा लोगों का टीकाकरण को भी शामिल किया जा सकता है। इसी बीच, एक शीर्ष वैज्ञानिक ने चेताया है कि 21 जून को प्रतिबंध हटाना कोरोना के भारतीय रूप के कारण संदेह में है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने भी कहा कि इंग्लैंड में 21 जून से लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट की वजह से कोरोना का भारतीय स्ट्रेन “गंभीर व्यवधान” पैदा कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर इसे और संक्रामक पाया गया, तब कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

बता दें कि कोविड-19 के बी1.617.2 स्वरूप के मामलों की संख्या ब्रिटेन में एक हफ्ते के भीतर दोगुनी हो गई है। इसके मद्देनजर देश के जिन हिस्सों में वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैलने लगा है, वहां जांच और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। कोविड-19 के बी1.617.2 स्वरूप की सबसे पहले भारत में पहचान की गई थी।

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसके ताजा विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि वायरस के इस बेहद संक्रामक स्वरूप से पिछले सप्ताह 520 लोग संक्रमित हुए थे। यह संख्या इस सप्ताह बढ़कर 1313 हो गई। ज्यादातर मामले उत्तर पश्चिम इंग्लैंड और लंदन में पाए गए हैं और संक्रमण की इस कड़ी को तेजी से तोड़ने के लिये अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

कोविड-19 वायरस का यह स्वरूप सबसे पहले महाराष्ट्र में मिला था। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी बेहद सावधानी से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा अगर जरूरत पड़ी तो और कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि सभी लॉकडाउन कदमों को हटाने की रूपरेखा का 21 जून को फिर से आकलन किया जा सकता है।

हैनकॉक ने कहा, ‘‘आंकड़े दर्शाते हैं कि क्यों हमने त्वरित और निर्णायक कदम उठाए हैं। वायरस के इस स्वरूप पर नियंत्रण के लिये सबको भूमिका निभानी है। इसमें जांच कराना, नियमों का पालन करना और टीका लेना शामिल है।’’