कोरोना के इलाज के लिए एसपी साहब मातहतों को दे रहे हैं अंबिया खाने की सलाह

पर यह नहीं बताया कि आम कैसे खाना है, काटकर या भूनने के बाद चूस कर।

Covid-19, Corona Virus, Mango

कोरोना की कोई दवा अब तक ईजाद नहीं हो सकी है। ऐसे में आयुर्वेदिक, देसी, होमियोपैथी और नानी-दादी के नुस्खों की भरमार है। ऐसे में पुलिस अधिकारी क्यों पीछे रहें। उनके पीछे तो फॉलोवरों की लाइन भी रहती है। सो, एक अफसर ने मातहत को मेल के जरिए बताया है कि कच्चे आम (यानी अम्बिया, केरी, टिकोरे) छिलके समेत खाने से कोरोना रोगी को फायदा मिलता है।

इस मेल को ट्वीट के रूप में उछाला है रिटायर आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने। उन्होंने ट्वीट में मेल का स्क्रीन शॉट लगा कर लिखा हैः एसपी-वाराणसी का दावा। कोरोना के इलाज में कच्चा आम छिलके समेत बहुत लाभप्रद। ईश्वर जाने कितना सही कितना गलत। यह अवश्य है कि कोरोना ने हम सबों को डॉक्टर बना दिया है। उधर, एसपी साहब के मेल में यह कतई नहीं बताया गया है कि कच्चे आम को काट कर खाना है या भूनने के बाद चूस कर। नमक या गुड़ मिलाकर खटास की तेजी मारने के लिए भी कुछ नहीं बताया गया है। मेल इस प्रकार हैः

विषय-कोरोना के इलाज लीड्स की सूचना

आप सभी बहादुर, सम्मानित पुलिस बल के ऑफिसर्स, जवान आपको नमस्कार

आप सभी को सूचित कर रहा हूं, कोरोना के इलाज में मैंगो आम फल (कच्चा आम छिलके समेत खाने से) कोरोना रोगी को बहुत बढ़िया असरदार है। रोगी आम खाने के कुछ घंटों में ही गले में दर्द, सूखेपन व कफ आदि में बहुत आराम पहुंचने में सफल रहा है। यह जानकारी आपको मेरे अपने रिस्तेदार के कोरोना पॉजिटिव होने पर और दवा के साथ-साथ आम के उपयोगी उपचार के अनुभव के बाद दे रहा हूं।

आप पुलिस बल से अनुरोध है एक बार आम का उपयोग कीजिए,  आपको खुद ही विश्वास हो जाएगा।

(मेल में जो भी गलतियां हैं वे मेल लिखने वाले की हैं खबर लिखने वाले की नहीं।)

उल्लेखनीय है कि गले में खराश होने पर चिकित्सक विटामिन सी के लिए नीबू जैसी खट्टी चीजों को लेने से मना करते हैं। उनका कहना होता है कि गले में खराश की स्थिति में खट्टे फल का रस फैरिंक्स और लैरिंक्स को छील सकता है, जिससे फैरिंग्जाइटिस, लैरिंग्जाइटिस और यहां तक कि उपचार न होने पर ब्रोंकाइटिस तक हो सकता है।