कोरोना के बीच ऑक्सीजन संकटः योगी ने सुझाया IIT को उपाय- नाइट्रोजन को “जीवनदायिनी” में बदलने की संभावना की करें तलाश

हालांकि कुछ लोगों ने ट्रोल करने वालों पर ही सवाल उठाने लगे और कहा कि सीएम ने नाइट्रोजन को नहीं, बल्कि नाइट्रोजन प्लांट को बदलने की बात कही है।

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देश में ऑक्सीजन की कमी से जनता लगातार जूझ रही है। अस्पतालों में लोग अपने सगे संबंधियों को रो रहे हैं, उनके लिए एक-एक मिनट भारी पड़ रहा है। न तो अस्पताल में एडमिट हो पा रहे हैं और न ही कोई डॉक्टर उनसे बात करने को तैयार है। हर तरफ बेचैनी, बेबसी और लाचारी का आलम है। दूसरी तरफ राजनेता अगंभीर बातें करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने में जुटे हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक अजीबोगरीब सुझाव दिया है कि नाइट्रोजन को ऑक्सीजन में बदल दिया जाए।

सीएम ने आईआईटी कानपुर समेत अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित कर नाइट्रोजन को ऑक्सीजन में कन्वर्ट करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा है। उनके इस सुझाव पर विशेषज्ञों ने हैरानी जताते हुए कहा है कि ऐसा असंभव है। आईआईटी मद्रास के केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर रजनीश कुमार के मुताबिक नाइट्रोजन और ऑक्सीजन दोनों अलग-अलग एलीमेंट हैं। केमिकल प्रोसेस से ऐसा करना संभव नहीं है।

दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ के इस सुझाव पर सोशल मीडिया पर उनको जमकर ट्रोल किया जा रहा है। आरके बघेल राजपूत @RAMKUMA69394733 नाम के एक यूजर ने लिखा, ” सर केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार तो पक्का आपको मिलेगा इस साल नाइट्रोजन से ऑक्सीजन बनाने के बाद आलू से ना सही पर लोहे से सोना बनाने की भी कोशिश जरूर कीजिएगा! स्वर्णिम राम राज्य होगा, तो सारे सपने पूरे हो ही जाएंगे। जय श्री रामFolded hands”

सत्येंद्र भारतीय @satyendra208 नाम के यूजर ने लिखा, “धर्म आज विज्ञान के भरोसे।” परवेज @Pravej नाम के यूजर ने लिखा, “बुद्धि बहुत तेज है govt की।” यूजर बेरोजगार नवेंद्र कुमार @nknawal1993 ने लिखा, “Wah….,आलू से सोना निकालने की अपार सफलता के बाद पेश है- नाइट्रोजन से ऑक्सिजन बनाना।”

हालांकि कुछ लोगों ने ट्रोल करने वालों पर ही सवाल उठाने लगे और कहा कि सीएम ने नाइट्रोजन को नहीं, बल्कि नाइट्रोजन प्लांट को बदलने की बात कही है।