कोरोना टीकाः सूबों के पास हैं 1 करोड़ से अधिक खुराक- केंद्र का दावा; चिंदबरम ने पूछा- अभाव में लोग वैक्सिनेशन केंद्रों से लौटे तो क्या हर्षवर्धन देंगे इस्तीफा?

चिदंबरम ने ट्वीट किया, “स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के लिए एक मई को एक इम्तहान होगा। उनका और उनकी सरकार का दावा कि राज्यों के पास टीकों का पर्याप्त भंडार है।

Author भाषा Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | April 29, 2021 11:44 PM
Corona, corona vaccine

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध हैं और उन्हें अगले तीन दिनों में 20 लाख खुराक और मिलेंगी। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के कुछ अधिकारियों के हवाले से मीडिया में खबरें आई कि राज्य में टीके की खुराक “खत्म” हो गई हैं जिससे राज्य में टीकाकरण अभियान पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस पर मंत्रालय ने कहा कि राज्य के पास टीकाकरण के लिये पात्र व्यक्तियों को लगाने के लिये अब भी 7,49,960 खुराक उपलब्ध है।

उसने कहा, “यह स्पष्ट किया जाता है कि महाराष्ट्र को 29 अप्रैल को सुबह आठ बजे तक टीके की 1,63,62,470 खुराक मिलीं।”
मंत्रालय ने कहा, “इनमें से खराब (0.22 प्रतिशत) होने वाली खुराक के साथ ही 1,56,12,510 खुराक की खपत हुई। राज्य के पास अब भी टीके की 7,49,960 खुराक उपलब्ध हैं।” भारत सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 से प्रतिरक्षा हेतु टीके की करीब 16.16 करोड़ खुराक मुफ्त उपलब्ध कराई हैं। मंत्रालय ने कहा कि इनमें से खराब होने वाली खुराक के साथ ही 15,10,77,933 खुराक की खपत हुई है।

उसने कहा, “राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के पास टीके की एक करोड़ से अधिक (1,06,08,207) खुराक उपलब्ध हैं। अगले तीन दिनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 20 लाख से अधिक (20,48,890) खुराक उपलब्ध कराई जाएगी।” मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण का तीसरा चरण एक मई से शुरू होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 18 साल से अधिक आयु के सभी नागरिकों के वास्ते कोविड-19 रोधी टीका लगवाने के लिए बुधवार को कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु ऐप के जरिए पंजीकरण शुरू हो गया।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली को अब तक कोविड-19 रोधी टीके की 38,40,710 खुराक मिल चुकी है और व्यर्थ हुई खुराकों को मिलाकर वहां कुल खपत 32,77,716 खुराक है। मंत्रालय के मुताबिक ऐसे में उनके पास अब भी 5,62,994 खुराक हैं। इसी तरह राजस्थान को 1,36,12,360 खुराक उपलब्ध कराई गईं जबकि व्यर्थ हुई खुराकों समेत उसकी कुल खपत 1,32,42,014 खुराक की है। इसके मुताबिक राज्य के पास 3,70,346 खुराक उपलब्ध हैं।

आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल को अब तक 1,13,83,340 खुराक उपलब्ध कराई गई और टीके की ‍व्यर्थ हुई खुराक समेत उसकी कुल खपत 1,08,89,069 है। आंकड़ों में कहा गया कि राज्य के पास अब भी 4,94,271 खुराक उपलब्ध हैं। मंत्रालय के मुताबिक छत्तीसगढ़ को 59,16,550 खुराक उपलब्ध कराई गई हैं और खराब हुई खुराक समेत उसका कुल उपभोग 56,09,386 खुराक का है। राज्य में फिलहाल 3,07,164 खुराक हैं और दो लाख खुराकों की आपूर्ति की जा रही है। देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी।

इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री हर्षवर्धन पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर एक मई को लोग टीके के अभाव में टीकाकरण केंद्रों से वापस लौटे तो क्या वह मंत्री पद से इस्तीफा देंगे। देश में एक मई से 18 और 44 साल तक की उम्र के लोगों को कोरोना रोधी टीका लगाया जाएगा।

चिदंबरम ने ट्वीट किया, “स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के लिए एक मई को एक इम्तहान होगा। उनका और उनकी सरकार का दावा कि राज्यों के पास टीकों का पर्याप्त भंडार है। उनका यह दावा हवा में उड़ जाएगा।” पूर्व गृह मंत्री ने दावा किया, “कोई भी राज्य 18-44 वर्ष की आबादी के लिए टीकाकरण शुरू करने के लिए तैयार नहीं लग रहा है। यहां तक कि ‘को-विन’ ऐप भी सहयोग नहीं कर रहा है!” उन्होंने सवाल किया, “यदि टीके के अभाव के आधार पर लोगों को 1 मई के बाद टीकाकरण केंद्रों से वापस कर दिया जाता है, तो क्या स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा देंगे?”