कोरोना टीकाकरणः CoWIN पर चालू हो गया रजिस्ट्रेशन, जानें- जरूरी बातें

टीकाकरण के लिए Co-WIN ऐप डाउनलोड कर इसकी वेबसाइट cowin.gov.in पर या फिर आरोग्‍य सेतु पर खुद को रजिस्‍टर कर सकते हैं।

covid vaccination

सरकार ने कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत आज से कर दी है। आम लोग वैक्सीन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट कैसे करें, इसके लिए सरकार की तरफ से मैनुअल जारी किया गया है। सरकार ने कहा है कि ग्राउंड वर्क और एहतियात के जरिए वायरस के फैलने को रोका जा सकता है।

CoWIN पोर्टल पर सोमवार सुबह से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। आम लोग इसकी वेबसाइट cowin.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उधर, सरकार ने निजी अस्पतालों को कोविड-19 की वैक्सीन के तौर पर 250 रुपए चार्ज करने की अनुमति प्रदान की है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 हजार से ज्यादा निजी अस्पतालों को संबंद्ध किया गया है। 6 सौ से ज्यादा अस्पताल सीजीएचएस के तहत संबंद्ध किए गए हैं। राज्य सरकारों ने अपनी तरफ से भी निजी अस्पतालों को वैक्सीन लगाने का काम सौंपा है।

टीकाकरण के लिए Co-WIN की वेबसाइट cowin.gov.in पर या फिर आरोग्‍य सेतु पर खुद को रजिस्‍टर कर सकते हैं। अपना मोबाइल नंबर डालेंगे तो एक OTP जाएगा। OTP से अपना अकाउंट बनाएं। इसके लिए नाम, उम्र, लिंग भरने के साथ एक पहचान पत्र अपलोड करना होगा। अगर आपकी उम्र 45 साल से ज्‍यादा है और को-मॉर्बिडिटी है तो उसका सर्टिफिकेट अपलोड करें। इसके बाद टीकाकरण केंद्र और तारीख का चयन करें। एक मोबाइल नंबर के जरिए 4 अपॉइंटमेंट्स ली जा सकती हैं। सीनियर सिटीजंस के लिए फोन से रजिस्‍ट्रेशन का विकल्‍प भी है। इसके लिए 1507 डायल करना होगा। लोग इसके लिए नजदीकी कोविड टीकाकरण केंद्र पर भी जा सकते हैं। उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि Co-WIN ऐप लाभार्थियों के लिए नहीं है। गुगल प्ले स्टोर पर इस आशय का जो एप है वह केवल एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए है।

सरकार ने फेसिलेटेड रजिस्‍ट्रेशन की सुविधा भी दी है। यह राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के लिए है। टारगेट ग्रुप्‍स के लिए टीकाकरण की तारीख तय की जाएगी। स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी अपनी तरफ से कोशिश करेंगे कि सभी टारगेट ग्रुप्‍स को केंद्र तक लाया जाए। इसके लिए ASHA, ANM, पंचायती राज और महिलाओं के सेल्‍फ-हेल्‍प ग्रुप्‍स को यूज किया जाएगा।

सरकार ने रजिस्टेशन के लिए आधार कार्ड को आवश्यक माना है। लेकिन इसके विकल्प के तौर पर वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN कार्ड, हेल्‍थ इंश्‍योरेंस स्‍मार्ट कार्ड, पेंशन के कागजात, बैंक या पोस्‍ट ऑफिस की पासबुक, मनरेगा जॉब कार्ड का भी उपयोग कर सकते हैं। जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मी अपने आईडी कार्ड का इस्तेमाल पंजीकरण के लिए कर सकते हैं। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्‍टर के तहत जारी स्‍मार्ट कार्ड भी वैध माना गया है।

गौरतलब है कि ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन को भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ने डेवेलप किया है। यह वैक्‍सीन कोविशील्ड नाम से उपलब्‍ध है। इसके अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भी लोगों को दी जाएगी। दोनों को सुरक्षा के मानकों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन की डोज सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजी गई हैं।