कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को न तो गांव में जगह मिली और न ही घर में, पानी देने पहुंची बेटी को मां ने रोका, हुई मौत

घटना आन्ध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम की बताई जा रही है। 50 वर्षीय पीड़ित शख्स विजयवाड़ा में नौकरी करते थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद वो अपने गांव श्रीकाकुलम लौटे, लेकिन उनको गांव में घुसने नहीं दिया। टीवी रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों ने इस पीड़ित शख्स की मदद करने से इनकार कर दिया।

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कोरोना की लहर लगातार कहर बरपा रही है। कहीं लोगों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही तो कई ममालों में अस्पताल में लोग दम तोड़ रहे हैं। अपने ही अपनों को दुत्कारने में लगे हैं। आंध्र प्रदेश में भी ऐसा ही एक वाकया देखने को मिला जहां कोरोना संक्रमित को न घर में जगह मिली और न ही गांव में। प्यासे ही उसने दम तोड़ दिया।

घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक बेटी अपने कोविड पॉजिटिव पिता को पानी पिलाने की कोशिश करती है तो मां उसे रोकने लगती है। वो बिलख-बिलखकर रो रही है। लेकिन उसकी मां का दिल नहीं पसीजता। आखिर में बेटी उसे किसी तरह से पानी पिला तो देती है लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

ये घटना आन्ध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम की बताई जा रही है। 50 वर्षीय पीड़ित शख्स विजयवाड़ा में नौकरी करते थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद वो अपने गांव श्रीकाकुलम लौटे, लेकिन उनको गांव में घुसने नहीं दिया। टीवी रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों ने इस पीड़ित शख्स की मदद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ये शख्स गांव के बाहर बनी झोपड़ी में रहने लगे।

ट्विटर पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि बेटी अपने पिता को पानी पिलाने की कोशिश करती है।
इस घटना का वीडियो में खुद गांव के एक शख्स ने बनाया। बेटी जब अपने पिता को अंतिम बार पानी पिलाना चाह रही थी तो उसकी मां रोकती है। मां को डर है था कि पिता की वजह से कहीं उनकी बेटी को कोरोना संक्रमण ना हो जाए। इसलिए वो उसे रोक रही थी।

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर भारत के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सरकार का सारा सिस्टम फेल है। हालात इतने ज्यादा बदतर हो चुके हैं कि शमशान भी ओवरलोड हैं। लेकिन इसके बाद भी मोदी सरकार गहरी नींद में सो रही है। कई सूबों के हाईकोर्ट सरकारों को लगातार फटकार लगा रहे हैं पर स्थिति जस की तस है। सरकारें अभी भी कुंभकर्णी नींद में सोई लगती हैं। लोग यहां वहां धक्के खा रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो पा रही।