कोरोना: बढ़ते मामले, बढ़ती पाबंदियां

देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

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देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। चौबीस घंटे में देश में संक्रमण के सर्वाधिक 1,15,736 मामले सामने आए हैं जबकि 630 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। संक्रमण को काबू में रखने के लिए राज्य सरकारें भी पाबंदियां बढ़ा रही हैं। पंजाब सरकार ने जहां 30 अप्रैल तक पूरे राज्य में रात का कर्फ्यू लगा दिया है।

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर जिले में 9 से 19 अप्रैल तक पूर्णबंदी लगाने का फैसला किया है। जबकि मध्य प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में आठ अप्रैल से आगामी आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने की घोषणा की गई है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली सरकार को स्वास्थ्यकर्मियों समेत सभी योग्य लाभार्थियों के औसत से कम टीकाकरण को लेकर पत्र लिखा है। पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र के प्रधान सचिवों को एक पत्र में अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव मनोहर अग्नानी ने जिक्र किया है कि इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से नीचे है और इसमें सुधार की जरूरत है। पत्र में उनसे अपने-अपने राज्यों में कोरोना टीकाकरण अभियान के प्रदर्शन को सुधारने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया गया है।

अग्नानी ने अपने पत्र में कहा कि कोरोना महामारी के असर को घटाने के लिए मौजूदा टीकाकरण अभियान में आपके सतत सहयोग की जरूरत है। उनके मुताबिक महाराष्ट्र को अब तक 1,06,19,190 टीके उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें से 90,53,523 टीकों का उपयोग हुआ है। इसी तरह दिल्ली ने 23.70 लाख में से 18.70 लाख और पंजाब ने 22.36 लाख में से 14.94 लाख टीकों का उपयोग किया है। इस पत्र के पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कड़ी टिप्पणी में महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे योग्य लोगों का टीकाकरण किए बिना टीके की मांग कर अपनी नाकामी को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं और लोगों के बीच दहशत फैला रहे हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू अब राज्य के सभी 22 जिलों में लागू रहेगा। इसे अभी तक 12 जिलों में ही लगाया लगाया था। उन्होंने पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को रात्रि कर्फ्यू का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा राजनीतिक आयोजन पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक आयोजनों पर रोक का जो भी उल्लंघन करेगा, भले ही वह नेता ही क्यों न हो, उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

नई पाबंदियों के तहत बंद जगह में अंतिम संस्कार या शादियों में सिर्फ 50 और खुली जगह में ऐसे अवसरों में 100 अतिथियों की अनुमति होगी।
पंजाब सरकार ने कार्यालयों में सभी कर्मियों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। नई पाबंदियां और पुरानी पाबंदियां 30 अप्रैल तक प्रभाव में रहेंगी। 30 अप्रैल तक किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक व खेलकूद आयोजन और अन्य संबंधी आयोजन पर रोक रहेगी। पंजाब में मंगलवार को 62 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी जबकि 2924 नए मामले सामने आए। राज्य में इस महामारी के मामले 2,57,057 हो गए।

वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के समस्त नगरीय क्षेत्रों में आठ अप्रैल से आगामी आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। मध्य प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों में आगामी तीन महीने तक सप्ताह में पांच दिन (सोमवार से शुक्रवार) कामकाज होगा। शनिवार-रविवार शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के संपूर्ण छिंदवाड़ा जिले में आठ अप्रैल की रात आठ बजे से आगामी सात दिनों तक पूर्णबंदी लगाने की घोषणा की है।

दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी एस भारतीदासन ने आदेश जारी कर संपूर्ण जिले को नौ अप्रैल की शाम छह बजे से 19 अप्रैल सुबह छह बजे तक निरुद्ध क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) घोषित किया है। इस अवधि के दौरान रायपुर जिले की सभी सीमाएं सील रहेंगी। इस दौरान केवल दवा दुकानों को अपने निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी।

पूर्णबंदी के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा केवल शासकीय वाहन, शासकीय कार्य में प्रयुक्त वाहन और आवश्यक सेवा से जुड़े वाहनों को ही पेट्रोल दिया जाएगा। इस दौरान सुबह छह बजे से आठ बजे तक और शाम पांच बजे से शाम साढ़े छह तक दूध और समाचार पत्र वितरण की अनुमति होगी। एलपीजी गैस सिलेंडर की एजंसियां केवल टेलीफोन पर या आॅनलाइन आॅर्डर लेंगे और ग्राहकों को सिलेंडर घर पहुंचाने की सेवा उपलब्ध कराएंगे।

औद्योगिक संस्थानों और निर्माण इकाइयों को अपने परिसर के भीतर मजदूरों को रखकर और अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालन और निर्माण कार्यों की अनुमति होगी। इस अवधि के दौरान जिले के अंतर्गत संचालित सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल आम जनता के लिए बंद रहेंगे। इस अवधि में रायपुर जिले के अंतर्गत सभी केंद्रीय, शासकीय, सार्वजनिक, अर्द्ध-सार्वजनिक व निजी कार्यालय और बैंक बंद रहेंगे। हालांकि टेलीकॉम, रेलवे और हवाई अड्डा संचालन और रख-रखाव से जुड़े कार्यालय, खाद्य सामग्री के थोक परिवहन और शासन से अनुमति प्राप्त परीक्षाओं को पूर्णबंदी से छूट दी गई है। वहीं, अस्पताल और एटीएम संचालित रहेंगे।

अब तक के सर्वाधिक 1.15 लाख से ज्यादा मामले

देश में चौबीस घंटे में कोरोना विषाणु संक्रमण के 1.15 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। वैश्विक महामारी फैलने की शुरुआत होने के बाद से देश में संक्रमण के ये अब तक के सबसे अधिक दैनिक मामले हैं। देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,28,01,785 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि तीन दिन में दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब कोराना विषाणु संक्रमण के एक दिन में एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं।

मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे किए गए आंकड़ों के मुताबिक चौबीस घंटे में 1,15,736 मामले सामने आए। 630 और मरीजों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,66,177 हो गई। देश में लगातार 28वें दिन संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी होने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 8,43,473 हो गई है जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 6.59 फीसद है। वहीं, लोगों के स्वस्थ होने की दर भी गिरकर 92.11 फीसद हो गई है।

देश में 12 फरवरी को उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,35,926 थी जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 1.25 फीसद थी। आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण से अब तक 1,17,92,135 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि मृत्यु दर गिरकर 1.30 फीसद हो गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आइसीएमआर) के अनुसार देश में छह अप्रैल तक 25,14,39,598 नमूनों की कोरोना संबंधी जांच की गई। इनमें से 12,08,339 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई।
देश में संक्रमण से 630 और लोगों की मौत हो गई।

इनमें महाराष्ट्र में 297, पंजाब में 61, छत्तीसगढ़ में 53, कर्नाटक में 39, उत्तर प्रदेश में 30, मध्य प्रदेश में 18, दिल्ली व गुजरात में 17-17, तमिलनाडु में 15, केरल में 14 और राजस्थान में 13 मरीजों ने दम तोड़ दिया। संक्रमण से देश में अब तक कुल 1,66,177 मौत हुई हैं। इनमें से महाराष्ट्र में 56,330, तमिलनाडु में 12,804, कर्नाटक में 12,696, दिल्ली में 11,113, पश्चिम बंगाल में 10,355, उत्तर प्रदेश में 8,924, आंध्र प्रदेश में 7,251 और पंजाब में 7,216 मरीजों की मौत हुई है।

सरकारी व निजी कार्यस्थलों पर 11 अप्रैल से लगेगा टीका

केंद्र सरकार 11 अप्रैल से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उन सरकारी और निजी कार्यस्थलों पर कोरोना टीकाकरण की अनुमति देगी, जहां करीब 100 पात्र लाभार्थी होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र में 45 साल से अधिक उम्र की काफी आबादी है और कार्यालयों (सरकारी एवं निजी) या निर्माण व सेवा में औपचारिक व्यवसाय शामिल है।

भूषण ने पत्र में कहा कि इस आबादी तक टीकों की पहुंच बढ़ाने के क्रम में, कोरोना टीकाकरण सत्रों को मौजूदा कोरोना टीकाकरण केंद्र के साथ जोड़ कर उन कार्यस्थलों (सरकारी एवं निजी दोनों) में आयोजित किया जा सकता है, जहां करीब 100 पात्र व इच्छुक लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य कार्यस्थलों पर टीकाकरण शुरू करने की तैयारी के लिए निजी/सरकारी क्षेत्र के नियोक्ताओं व प्रबंधन से उचित विचार-विमर्श कर सकते हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यस्थल टीकाकरण केंद्र 11 अप्रैल, 2021 से सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू किए जा सकते हैं। केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में पर्याप्त तैयारियां करने और दिशा-निर्देश जारी करने को कहा था।

दिशा-निदेर्शों के मुताबिक, कार्यस्थल पर टीकाकरण के लिए केवल 45 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारी टीकाकरण के लिए पात्र होंगे और पात्र परिवार के सदस्यों समेत किसी बाहरी व्यक्ति को टीकाकरण की अनुमति नहीं होगी। संगठन के एक वरिष्ठ कर्मचारी को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों/ निजी कोरोना टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) के साथ समन्वय करने और टीकाकरण गतिविधियों को सहयोग देने के लिए मुख्य अधिकारी के तौर पर काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

दिशा-निर्देशों में कहा गया कि लाभार्थियों को टीकाकरण से पहले को-विन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और सीवीसी केंद्रीय अधिकारी सभी लक्षित लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करेगा और मौके पर पंजीकरण की सुविधा भी होगी लेकिन केवल कार्यस्थल के कर्मचारियों के लिए। इसमें कहा गया कि संसाधनों के सर्वोत्कृष्ट उपयोग के लिए कार्यस्थल सीवीसी पर टीकाकरण सत्र की योजना तभी बनाई जाएगी जब कम से कम 50 लाभार्थी टीकाकरण के लिए पंजीकृत हो जाएं।

केंद्र ने दिशा-निदेर्शों में कहा कि टीकाकरण सत्रों का कार्यक्रम 15 दिन पहले तक बनाया जा सकता है और कार्यस्थलों को इसकी जानकारी दी जा सकती है ताकि टीकाकरण के दिन अधिकतम लोग उपस्थित हों। हालांकि, अधिकांश कार्यस्थलों पर टीकाकरण 15 दिनों के भीतर पूरा हो सकता है। इसमें कहा गया कि सरकारी कार्यस्थल में प्रत्येक सीवीसी को मौजूदा एवं पास के सरकारी अस्पताल में सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा जबकि निजी कार्यस्थल में प्रत्येक सीवीसी को मौजूदा एवं पास के निजी अस्पताल के सीवीसी के साथ जोड़ा जाएगा।

निर्धारित सरकारी एवं निजी सीवीसी जिसके साथ कार्यस्थल सीवीसी को जोड़ा जाएगा, वह कार्यस्थल सीवीसी पर टीकाकरण टीम की तैनाती के लिए जिम्मेदार होगा। सभी सरकारी एवं निजी सीवीसी को टीका प्राप्त करने के लिए पहले ही कुछ प्रतिशीतन बिंदुओं से जोड़ दिया गया है। दिशा-निदेर्शों में कहा गया कि ये टीकाकरण केंद्र जोड़े गए कार्यस्थल सीवीसी पर टीके प्राप्त करने की समान व्यवस्था का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे। इसमें कहा गया कि कोरोना टीकाकरण गतिविधियों में लगे कार्यस्थल सीवीसी के कर्मचारी टीकाकरण और उसके बाद की प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी देने एवं प्रबंधन के लिए समान मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे प्रधानमंत्री

देश में कोरोना विषाण्ुा संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। पिछले तीन दिनों में दो बार एक लाख से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण की जानकारी लेंगे। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 17 मार्च को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने 11 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की थी।

बार एक लाख से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण की जानकारी लेंगे। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 17 मार्च को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने 11 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की थी।


महाराष्ट्र में टीके की 14 लाख खुराकें ही बचीं

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि राज्य के पास कोविड-19 के टीके की 14 लाख खुराकें ही बची हुई हैं जो तीन दिन ही चल पाएंगी। उन्होंने कहा कि टीकों की कमी के कारण कई टीकाकरण केंद्र बंद करने पड़ रहे हैं। टोपे ने संवाददाताओं से कहा कि कुछे टीकाकरण केंद्रों पर आ रहे लोगों को वापस भेजा जा रहा है क्योंकि इन केंद्रों पर टीके की खुराकों की आपूर्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमें हर हफ्ते 40 लाख खुराकों की जरूरत है। इससे हम एक सप्ताह में हर दिन छह लाख खुराक दे पाएंगे। हमें पर्याप्त टीके नहीं मिल पाए हैं। मंत्री ने केंद्र से टीके की आपूर्ति में महाराष्ट्र को प्राथमिकता देने को कहा क्योंकि राज्य में मृतकों की संख्या 50,000 को पार कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब संक्रमित हो रहे अधिकतर लोग 25 से 40 साल की उम्र के हैं। टोपे ने कहा कि लोगों के प्रतिरक्षा स्तर को बढ़ाकर और एंटीबॉडी तैयार कर संक्रमण के प्रसार को तुरंत रोके जाने की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से राज्यों को यह भी अवगत कराने को कहा है कि क्या विषाणु के बदले स्वरूप के कारण संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अगर ऐसा है तो हमें बताया जाए कि क्या कदम उठाए जा सकते हैं। महाराष्ट्र में टीकाकरण शुरू होने के बाद से अब तक करीब 82 लाख लोगों को टीके की खुराकें दी गई हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ‘3-टी’ (टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट) का कड़ाई से पालन किया जा रहा है और कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

बुधवार को करीब सवा लाख मामले आए

देश में बुधवार को कोरोना विषाणु संक्रमण के 1,24,783 मामले सामने आए जबकि 676 लोगों की मौत हुई। चार दिन में तीसरा मौका है जबकि देश में एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। ये मामले 24 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। वहीं, बुधवार शाम आठ बजे तक देश में 8.83 करोड़ कोरोना के टीके लगाए जा चुके थे। देश में सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 59,907 नए मामले दर्ज किए गए जिसके चलते संक्रमितों की संख्या 31,73,261 तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र में बुधवार को 322 लोगों की संक्रमण के चलते जान गई। मुंबई में 10,428 और पुणे में 10,907 नए मामले दर्ज किए गए।

महाराष्ट्र के बाद देश में छत्तीसगढ़ में 10,310, कर्नाटक में 6,976, उत्तर प्रदेश में 6,023, दिल्ली में 5,506, मध्य प्रदेश में 4,043, तमिलनाडु में 3,986, गुजरात में 3,575, केरल में 3,502, पंजाब में 2,997, राजस्थान में 2,801, पश्चिम बंगाल में 2,390, हरियाणा में 2,336, आंध्र प्रदेश में 2,331, तेलंगाना में 1,914, बिहार में 1,527, उत्तराखंड में 1,109, जम्मू कश्मीर में 812, ओड़ीशा में 791, हिमाचल प्रदेश में 653, गोवा में 527, चंडीगढ़ में 399, असम में 195, और पुडुचेरी में 173 नए मामले दर्ज किए गए।