कोरोना संकट के बीच भारत बायोटेक ने भेजी वैक्सीन की ‘ईदी’, रमजान में काम करने वालों को दी बधाई

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच में देश में वैक्सीनेशन का काम भी जारी है। इसी बीच राज्यों से वैक्सीन के लिए रार भी देखने को मिल रही है।

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कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच में देश में वैक्सीनेशन का काम भी जारी है। इसी बीच राज्यों से वैक्सीन के लिए रार भी देखने को मिल रही है। कोवैक्सिन निर्माता भारत बायोटेक ने आज कहा कि कोविड टीका केरल, उत्तराखंड, गुजरात, असम, तमिलनाडु, कर्नाटक, और ओडिशा जैसे कई राज्यों में भेज दिया है। हैदराबाद स्थित कंपनी की सह-संस्थापक और संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हमारा काम सही समय पर होता है। हमारा काम घर से नहीं हो रहा है ।

एला ने एक ट्वीट में लिखा कि कोवैक्सिन गांधीनगर, गुवाहाटी, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और भुवनेश्वर जा रही है। रमजान के पवित्र महीने के दौरान काम करने वाले हमारे सभी भारत बायोटेक के कर्मचारियों को धन्यवाद। आप सभी के परिवार को ईद मुबारक और ईश्वर का आशीर्वाद। इससे पहले देर रात के ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी थी कि वैक्सीन केरल और उत्तराखंड को भेजी जा चुकी है।

उन्होंने ट्ववीट करते हुए लिखा था कि कोवैक्सिन को केरल और उत्तराखंड भेजा गया है । चिंता के लिए धन्यवाद, कई लोगों ने मदद की पेशकश की। हमारा काम सही समय पर होता है। घर से काम नहीं हो रहा है। हमारे सभी कर्मचारियों का ध्यान रखा जाएगा, जो हमें हमारे मिशन से नहीं रोकेंगे वह हमेशा आभारी, सहायक और आशान्वित रहें। हालांकि, एला ने इन राज्यों को आपूर्ति की मात्रा के बारे में विवरण नहीं दिया है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को एक डिजिटल प्रेस मीट में आरोप लगाया कि कंपनी ने केंद्र के इशारे पर कोरोना वैक्सीन देने से इनकार कर दिया था। कोवैक्सिन निर्माता ने एक पत्र में कहा है कि वह संबंधित सरकारी अधिकारी के निर्देशों के तहत अनुपलब्धता के कारण दिल्ली सरकार के टीके उपलब्ध नहीं करा सकता है। इसका मतलब है कि केंद्र सरकार वैक्सीन की आपूर्ति को नियंत्रित कर रही है।

एला ने तब एक ट्वीट में कहा था कि कोवैक्सिन की आपूर्ति के बारे में कंपनी के इरादों के बारे में शिकायत करने वाले कुछ राज्यों को सुनना काफी निराशाजनक है। भारत बायोटेक मांगों को पूरा करने के लिए काम कर रहा है, जबकि हमारे 50 कर्मचारी कोरोना संक्रमित होने के कारण काम नहीं कर रहे हैं।

एक शीर्ष सरकारी सलाहकार के अनुसार, केंद्र सरकार और भारत बायोटेक अन्य कंपनियों को आमंत्रित करने को तैयार हैं, जो उत्पादन बढ़ाने में मदद करना करना चाहती हैं। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि लोगों का कहना है कि कोवैक्सिन को अन्य कंपनियों बनाने के लिए दिया जाना चाहिए। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि कोवैक्सिन निर्माण कंपनी (भारत बायोटेक) ने इसका स्वागत किया है।