कोरोना संकट पर बोले असदुद्दीन ओवैसी- मोदी जी को कुत्ते का बच्चा मरने पर तकलीफ, इंसानों पर क्यों नहीं

ओवैसी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि विदेशों से आई मदद पांच-पांच दिन तक एयरपोर्ट पर पड़ी रहती है। लोग तड़प रहे होते हैं और दवाओं और ऑक्सीजन के वितरण में विलंब होता रहता है।

corona, coronavirus, india

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कमज़ोर कोविड प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार, खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की है और तंज करते हुए कहा है कि जिस आदमी को कुत्ते के पिल्ले की मौत पर भी दुख होता था उन्हें इतनी बड़ी संख्या में आदमियों के मरने का क्यों असर नहीं होता।

ओवैसी ने इस बात पर आक्रोश जताया कि विदेशों से आई मदद पांच-पांच दिन तक एयरपोर्ट पर पड़ी रहती है। लोग तड़प रहे होते हैं और दवाओं और ऑक्सीजन के वितरण में विलंब होता रहता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ही विदेशों से आई तीन हजार टन मदद पांच दिन तक बांटे जाने का इंतजार करती रही। इस मदद में 5500 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 3,200 सिलिंडर और रेमडिसिवर के 1.36 लाख इंजेक्शन थे।

उन्होंने सरकार की टैक्स नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि विदेश से आ रही मदद में आखिर जीएसटी और दूसरे टैक्स क्यों? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री केवल वर्चुअल कांफ्रेस करते रहते हैं। उन्हें ग्राउंड पर आकर भी देखना चाहिए।

प्रेस कांफ्रेंस में बंगाल में हो रही चुनाव-बाद-हिंसा पर पूछे जाने पर ओवैसी ने हिंसा की निंदा की और मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि राज्य के नागरिकों का जीवन बचाना सरकार का पहला कर्तव्य होता है। उल्लेखनीय है कि बंगाल में सोमवार को चुनाव नतीजों के बाद बहुत हिंसा हुई है। भाजपा कह रही है कि उसके आधा दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता मार दिए गए हैं, जबकि टीएमसी भाजपा पर हिंसा फैलाने का उलटा आरोप लगा रही है। उसने अपने आदमियों की मौतें भी गिनाई हैं।

देश में इस समय कोरोना के कुल मामलों में से 17 प्रतिशत एक्टिव मामले हैं। 81.77 प्रतिशत कोरोना मरीजों ने महामारी को हराया है। जबकि करीब 1 प्रतिशत मरीजों ने इस महामारी से अपनी जान गंवाई है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,57,229 नए मामले दर्ज किए गए। देश भर में 3,449 मौतें भी दर्ज की गईं।