कोविन प्रणाली में आज से चार अंकों का सुरक्षा कोड, नागरिकों को अब नहीं होगी असुविधा

‘अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा।’ ‘अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा।’

Author भाषा Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | May 8, 2021 3:26 AM
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कोविन प्रणाली में आठ मई से चार अंकों का सुरक्षा कोड वाला नया फीचर शुरू होने जा रहा है ताकि टीकाकरण की स्थिति के बारे में डाटा एंट्री में खामियों को कम किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इससे नागरिकों की समस्याएं कम होंगी। मंत्रालय ने बताया कि कुछ मामलों में यह बात सामने आई है कि कोविन पोर्टल के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के लिए समय लेने वाले कुछ लोग टीका लगवाने के लिए तय तारीख पर नहीं पहुंच सके और उन्हें एसएमएस से सूचना मिल गई कि उन्हें टीके की खुराक दी जा चुकी है।

इसने बताया कि जांच में यह पाया गया कि ऐसा मुख्यत: इसलिए होता है कि टीका लगाने वाले ने गलत तरीके से नागरिक का टीकाकरण दिखा दिया, जो टीका लगाने वाले की तरफ से डाटा एंट्री में खामी की घटना है। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘इस तरह की खामियों को न्यूनतम करने और नागरिकों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए कोविड प्रणाली में आठ मई से चार अंकों वाले सुरक्षा कोड की शुरुआत की जा रही है।’ उसने कहा, ‘अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा।’ नया फीचर उन्हीं नागिरकों पर लागू होगा जिन्होंने टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन समय लिया है। चार अंकों वाला सुरक्षा कोड निर्धारित समय वाली पावती पर भी छपा होगा और टीका लगाने वाले को इसकी जानकारी नहीं होगी। टीके के लिए समय तय हो जाने के बाद कोड लाभार्थी को एसएमएस से भी भेजा जाएगा।

उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों से कहा है कि अब आक्सीजन की आपूर्ति सुधरी है और संक्रमित मरीजों को चिकित्सकीय आक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति पर बैठक के दौरान केजरीवाल ने जिलाधिकारियों को आॅक्सीजन सुविधा से युक्त बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया ताकि दिल्ली में आक्सीजन की कमी से किसी की मौत न हो।

केजरीवाल ने कहा कि तीन महीने के भीतर सभी योग्य लोगों के टीकाकरण का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को तैयारियों की समीक्षा के लिए टीकाकरण केंद्रों का भी औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि जिलाधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में गृह पृथक-वास में उपचाराधीन मरीजों को कुल 1,406 आक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराए गए।

दिल्ली सरकार के ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक 50,425 मरीज गृह पृथक-वास में हैं। शहर में उपचाराधीन मामलों की संख्या 91,035 है और 50,785 निषिद्ध क्षेत्र हैं।