कौन महानतम

निस में रोजर फेडरर, राफेल नडाल व नोवाक जोकोविच 20-20 ग्रैंड स्लैम जीतकर बराबरी पर हैं।

नोवाक जोकोविच

आत्माराम भाटी

टेनिस में रोजर फेडरर, राफेल नडाल व नोवाक जोकोविच 20-20 ग्रैंड स्लैम जीतकर बराबरी पर हैं। ऐसे में यह चर्चा जोरों पर है कि इनमें श्रेष्ठ व महान किसे माना जाए। इन तीनों में कौन श्रेष्ठ है, इस नतीजे पर पहुंचने से पहले कुछ अन्य दिग्गजों के बारे में जानना भी बेहतर होगा। टेनिस में राड लेवर, राय इमर्सन, ब्योन बोर्ग, जान मैकनरो, जिमी कोनर्स, पीट सैम्प्रास व आंद्रे अगासी का नाम बीसवीं सदी के श्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार था। इनमें भी महान खिलाड़ियों पर निगाह डालें जिन्होंने टेनिस में एक नया इतिहास बनाया उनमें सबसे पहला नाम आस्ट्रेलिया के राय इमर्सन का आता है जिन्होंने 1967 में सबसे ज्यादा 12 ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर महान खिलाड़ी बने। इनकी यह उपलब्धि 33 साल तक इनके पास रही।

पीट सेम्प्रास ने इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में 2000 में इमर्सन के रेकार्ड को तोड़ डाला और 2002 में अमेरिकी ओपन के रूप में अपना 14वां ग्रैंड स्लैम जीत अपने को इमर्सन से महान साबित किया। लेकिन सात साल बाद 2009 में रोजर फेडरर ने विंबलडन के रूप में अपना 15वां ग्रैंड स्लैम जीतते हुए सेम्प्रास के रेकार्ड को ध्वस्त कर दिया। फेडरर यहीं नहीं रुके। 2018 में आस्ट्रेलियाई ओपन के रूप में 20वां ग्रैंड अपने नाम कर सबसे आगे रहे।

दो दशक तक अपना जलवा दिखाने वाले फेडरर भी 20 पर ही अटक गए। साल 2020 में राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन के रूप में अपना 20वां ग्रैंड स्लैम जीत और इस साल नोवाक जोकोविच ने विंबलडन के रूप में अपना 20वां ग्रैंड स्लैम जीतते हुए अपने को फेडरर व नडाल के साथ महान खिलाड़ी की पंक्ति में ला खड़ा किया। इसके बाद टेनिस जगत में यह बहस प्रारंभ हो चुकी है कि आने वाले समय में इन तीनों में से किसे महान माना जाए।

काफी समय से जिस तरह से रोजर फेडरर व राफेल नडाल पर चोटों और उम्र का असर दिखाई देने लगा है। ऐसे में टेनिस जगत की नजरों में स्पष्ट आकलन है कि फेडरर व नडाल से कम उम्र के नोवाक जोकोविच का पलड़ा भारी है कि वे अभी तक कम से कम तीन-चार साल तो और खेलने वाले हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैेम खिताबों को अपनी झोली में डाल कर आंकड़ों के लिहाज से तो महान खिलाड़ी बनने की दौड़ में जोकोविच का नाम सबसे ऊपर है।

लेकिन कुल मिलाकर हम तीनों के खेल की खूबियों पर बात करें तो फेडरर आज अपने जीवन के 40वें वसंत में चल रहे हैं। 2003 में विबंलडन के साथ पहला ग्रैंड स्लैम जीतने वाले स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर का केवल फ्रेंच ओपन को छोड़कर जिनमें वे मात्र 1 खिताब जीत पाए अन्य ग्रैंडस्लैम विंबलडन को 8 बार, अमेरिकी ओपन को 5 बार व आस्ट्रेलियन ओपन को 6 बार जीत कर दिखलाया है कि ग्रास व हार्ड कोर्ट दोनों पर उनका खेल लाजवाब है।

दूसरी ओर 35 साल के राफेल नडाल की बात करें तो उनका दबदबा केवल क्लेकोर्ट पर ही रहा है। 20 में से 13 ग्रैंड स्लैम इनके फ्रेंच ओपन के हैं जो कि क्लेकोर्ट पर खेला जाता है। सबसे प्रतिष्ठित विंबलडन को केवल 2 बार, आस्ट्रेलियन ओपन को 1 बार व अमेरिकी ओपन को 4 बार अपनी झोली में डाल पाए। मात्र एक तरह के कोर्ट पर महारत हासिल करने वाले नडाल को पुर्ण रूप से महान खिलाड़ी की श्रेणी में नहीं रख सकते। हां उन्हें क्ले कोर्ट का महान खिलाड़ी जरूर कह सकते हैं।

बात करें नोवाक जोकोविच के खिताबी सफर की तो नडाल की तरह इनका भी दबदबा आस्ट्रेलियाई ओपन के कोर्ट पर ज्यादा रहा है। जहां 20 में से 9 खिताब इन्होंने जीते हैं। उन्होंने विंबलडन में भी अपना जलवा दिखाते हुए 6 खिताब अपने नाम किए। अमेरिकी ओपन में 3 बार विजेता रहे। जबकि फेडरर की तरह क्लेकोर्ट पर नडाल के आगे ज्यादा सफल नहीं रहे और नडाल की अनुपस्थिति में 2 खिताब इनके हाथ लगे।

कुल मिलाकर हर तरह से अपने खेल व व्यक्तित्व से महान खिलाड़ी कहलाने की अगर इन तीनों में से किसी खिलाड़ी में ज्यादा योग्यता है तो वे टेनिस के नेपोलियन कहे जाने वाले रोजर फेडरर ही हैं। भले ही आने वाले समय में नडाल इनसे दो-चार ज्यादा खिताब जीतकर आगे निकल जाएं। या कहें कि जोकोविच 25 ग्रैंड स्लैम जीतकर आंकड़ों की दृष्टि से महान बन जाएं। लेकिन खेल के साथ लोगों के दिलों में अपने व्यक्तित्व से जगह बनाकर हमेशा कोई खिलाड़ी इन तीनों में महान रहेगा तो वो रोजर फेडरर ही हैं। क्योंकि जोकोविच और नडाल दोनों में फेडरर की तरह मैदान में सौम्यता नहीं है।