क्या है कोरोना का साउथ अफ्रीका स्ट्रेन और कितना खतरनाक है?

फिलहाल इस वैरिएंट को लेकर भारत चिंतित नहीं है क्योंकि अभी सरकार के मुताबिक सिर्फ चार केस मिले हैं. आपको बता दें कि इससे पहले भारत में यूके वैरिएंट भी फैल चुका है, जिसके मरीज़ लगातार मिल रहे हैं. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर अफ्रीकी स्ट्रेन फैला तो मौजूदा वैक्सीनें इससे निपटने के लिए कारगर नहीं होंगी. गौरतलब है कि भारत में मंज़ूरी मिलने की कतार में कुछ और टीके भी हैं, जिनके ट्रायलों के नतीजों का इंतज़ार हो रहा है. इनमें से कोई टीका इस वैरिएंट के लिए असरदार साबित होगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है.