क्रिकेट के ग्रेटेस्ट मास्टरमाइंड्स में से एक है श्रीलंका का यह पूर्व कप्तान, भारत से लेकर इंग्लैंड तक की टीमों को बना चुका है चैंपियन

महेला जयवर्धने ने बतौर कोच पिछले 4 साल में 4 खिताब जीते हैं। खिताब जीतने वालों में भारत से लेकर इंग्लैंड तक की टीमें शामिल हैं। कहना गलत नहीं होगा कि महेला जयवर्धने ने इन चार साल की कोचिंग में ही साबित कर दिया कि वह कितने दमदार कोच हैं।

Mahela Jayawardene IPL 2021 The Hundred Mens Competition Mumbai Indians Southern Brave श्रीलंकाई क्रिकेट टीम का यह पूर्व कप्तान गोल्फ का भी शौकीन है। उन्हें ट्रेन से सफर करना भी काफी भाता है। (सोर्स- इंस्टाग्राम/महेला जयवर्धने)

श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) की गिनती क्रिकेट के ग्रेटेस्ट मास्टरमाइंड्स में हो रही है। उनकी उपलब्धियों में हाल ही में एक और इजाफा हुआ है। उनकी कोचिंग की अगुआई में सदर्न ब्रेव (Southern Brave) ने 21 अगस्त 2021 की रात द हंड्रेड मेन्स कॉम्पिटिशन (The Hundred Men’s Competition) के पहले सीजन का खिताब जीत लिया।

जयवर्धने ने बतौर कोच पिछले 4 साल में 4 खिताब जीते हैं। खिताब जीतने वालों में भारत से लेकर इंग्लैंड तक की टीमें शामिल हैं। कहना गलत नहीं होगा कि महेला जयवर्धने ने इन चार साल की कोचिंग में ही साबित कर दिया कि वह कितने दमदार कोच हैं। महेला जयवर्धने ने बतौर कोच जो चार खिताब जीते हैं, उनमें तीन आईपीएल टाइटल हैं। जयवर्धने की कोचिंग में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रैंचाइजी मुंबई इंडियंस ने 2017, 2019, 2020 ने आईपीएल की ट्रॉफी जीती थी। रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस दुनिया की इकलौती फ्रैंचाइजी है, जिसने एक लीग में सबसे ज्यादा खिताब जीते हैं।

खास यह है कि जहां जयवर्धने बतौर कोच हर साल नई ऊंचाइयां छू रहे हैं, वहीं उनकी राष्ट्रीय टीम की हालत खराब है। श्रीलंका ने पिछले 4 साल में 35 टेस्ट मैच खेले। इनमें से वह सिर्फ 11 में ही जीत हासिल करने में सफल रहा, जबकि 14 में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी। इस दौरान वनडे और टी20 मुकाबलों में तो उसकी हालत और भी खराब रही। श्रीलंका ने इस दौरान 65 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें से वह सिर्फ 19 में जीत हासिल कर पाया, जबकि 44 मैच में उसने हार झेली। वहीं, उसने 42 टी20 मैच खेले, जिनमें से सिर्फ 11 जीते, जबकि 29 गंवाए।

बतौर खिलाड़ी और कप्तान भी जयवर्धने का करियर बहुत शानदार रहा था। जयवर्धने ने 18 अगस्त 2014 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। हालांकि, उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 18 मार्च 2015 को सिडनी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला गया वनडे मुकाबला था। जयवर्धने ने अपने करियर के दौरान 26 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उनके नाम टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 54 शतक हैं।

जयवर्धने की 38 टेस्ट में श्रीलंका की अगुआई की। इसमें से टीम ने 18 टेस्ट जीते और 12 मैच गंवाए। वनडे में उन्होंने 126 मुकाबलों में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की कमान संभाली। इसमें से 68 में टीम को जीत दिलाई, जबकि 49 में शिकस्त झेली। जयवर्धने की अगुआई में श्रीलंका ने सिर्फ 19 टी20 मैच खेले। इसमें उसने 12 जीते, जबकि 6 गंवाए।

महेला जयवर्धने 2017 के बाद से मुंबई इंडियंस के कोच हैं। इस बीच, उन्होंने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की द हंड्रेड क्रिकेट लीग में सदर्न ब्रेव को अपने कोचिंग सेवाएं दीं और टीम पहले ही सीजन खिताब जीतने में सफल रही। द हंड्रेड मेन्स कॉम्पिटिशन के फाइनल की बात करें तो बर्मिंघम फोनिक्स ने टॉस जीता और सदर्न ब्रेव को बल्लेबाजी का न्योता दिया।

सदर्न ब्रेव ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंद में 5 विकेट पर 168 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बर्मिंघम फोनिक्स की टीम 100 गेंद में 5 विकेट पर 136 रन ही बना पाई। सदर्न ब्रेव की ओर से पॉल स्टर्लिंग ने 36 गेंद में 61, एलेक्स डेविस ने 20 गेंद में 27 और रोस व्हाइटली ने 4 चौके और 4 छक्के की मदद से 14 गेंद में नाबाद 44 रन बनाए।

बर्मिंघम फोनिक्स की ओर से कप्तान मोईन अली ने 30 गेंद में 36, लियाम लिविंगस्टोन ने 19 गेंद में 46 रन बनाए। इन दोनों के अलावा क्रिस बेंजामिन ने 25 गेंद में 23 और बेनी हॉवेल ने 14 गेंद में 20 रन की पारियां खेलीं।