क्षुद्रग्रह का रास्ता मोड़ेगा पृथ्वी का उपग्रह

अमेरिकी अंतरिक्ष एजंसी नासा ने एक राकेट के जरिए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा है, जिसका मकसद एक क्षुद्रग्रह यानी एस्ट्रायड का रास्ता मोड़ना है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजंसी नासा ने एक राकेट के जरिए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा है, जिसका मकसद एक क्षुद्रग्रह यानी एस्ट्रायड का रास्ता मोड़ना है। यह एक परीक्षण है, जिसे भविष्य की तैयारी के तौर पर किया जा रहा है। यह ब्योरा किसी विज्ञान कथा की तरह लगता है। क्षुद्रग्रह धरती की ओर बढ़ रहा है और टक्कर हुई तो मानव सभ्यता को बड़ा नुकसान होगा। ऐसा होना असंभव नहीं है और वैज्ञानिक इस बात को समझते हैं। इसीलिए नासा वैज्ञानिक यह परीक्षण कर रहे हैं कि ऐसे हालात में क्या क्षुद्रग्रह से टक्कर के जरिए एस्ट्रायड का रास्ता बदला जा सकता है या क्या उसे नष्ट किया जा सकता है।

इसी परीक्षण के तहत ‘डबल एस्ट्रायड रीडाइरेक्शन टेस्ट’ (डीएआरटी या डार्ट) नामक एक उपग्रह बुधवार को अंतरिक्ष में भेजा गया है। स्पेसएक्स कंपनी के फाल्कन 9 राकेट के जरिए कैलिफोर्निया के वैन्डेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से इसे भेजा गया। डार्ट का लक्ष्य ‘डाइमारफस’ नामक इस एस्ट्रायड के रास्ते में बदलाव लाना है। ‘डाइमारफस’ लगभग 525 फुट चौड़ा है और यह ‘डिडीमास’ नामक एक बड़े एस्ट्रायड के इर्द-गिर्द चक्कर लगाता है, जो 2,500 मील चौड़ा है। डाइमारफस से डार्ट की टक्कर अगले साल किसी वक्त हो सकती है। इस टक्कर के वक्त ये दोनों पृथ्वी से 1.1 करोड़ किलोमीटर दूर होंगे। 30 करोड़ डालर के अपनी तरह के इस पहले प्रयोग के बारे में नासा के प्रमुख वैज्ञानिक थामस जुबुरशेन ने कहा, ‘हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी खतरे को कैसे टाला जाए।’

डाइमारफस अभी पृथ्वी के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है, लेकिन ये पृथ्वी के नजदीक मौजूद एस्ट्रायड और धूमकेतू आदि हैं, जो हमारे ग्रह के तीन करोड़ मील दूर तक आ सकते हैं। नासा के प्लेनेटरी डिफेंस कोआर्डिनेंस आफिस के वैज्ञानिकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी उन चीजों में ज्यादा है, जिनका आकार 460 फुट से ज्यादा है।

इस प्रकार के एस्ट्रायड पूरे के पूरे शहरों या इलाकों को तबाह कर सकते हैं, क्योंकि इनकी शक्ति कई परमाणु बमों से भी अधिक होती है। वैज्ञानिक ऐसी दस हजार चीजों के बारे में जानते हैं, जिनका आकार 460 फुट से ज्यादा बड़ा है। माना जाता है कि अगले सौ साल में इनमें से किसी के भी धरती से टकराने की कोई बड़ी संभावना नहीं है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस प्रकार के एस्ट्रायड बहुत ज्यादा हैं और हमें मुश्किल से 40 फीसद का ही पता है।

डार्ट के टकराने वाले एस्ट्रायड की लंबाई 169 मीटर के आसपास है। वर्ष 2022 के अंत में डार्ट अंतरिक्ष यान स्वायत्त रूप से नेविगेट करने और उस क्षुद्रग्रह से टकराने के लिए तैयार होगा। उस समय यह एस्ट्रायड पृथ्वी से लगभग 70 लाख मील की दूरी पर होगा। एस्ट्रायड के अलावा अंतरिक्ष में एक चुनौती से वैज्ञानिक जूझ रहे हैं। कुछ अरसा पहले रूस ने एक मिसाइल का परीक्षण किया, जिसने एक उपग्रह को ध्वस्त कर दिया।

इस मिसाइल से रूस ने अपने ही एक बंद पड़ चुके उपग्रह को ध्वस्त कर दिया। हालांकि, इस धमाके से उपग्रह का मलबा अंतरिक्ष में फैल गया और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भी खतरे में आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मलबा आने वाले कई साल तक अंतरिक्ष में गतिविधियों के लिए खतरा बना रहेगा। स्पेस जंक के नाम से जाना जाने वाला यह मलबा अंतरिक्ष यान और उपग्रहों के वे टुकड़े होते हैं जो इस्तेमाल किए जाने के बाद पृथ्वी की कक्षा में ही छोड़ दिए जाते हैं।