खिलाड़ियों की बोली में किसकी भरेगी झोली

कोरोना महामारी के दौर में इंग्लैंड के खिलाफ शृंखला के साथ भारतीय जमीन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज हो गया।

Cricket

इसके साथ ही घरेलू मैदान पर इंडियन प्रीमियर लीग के आयोजन की उम्मीद बंधी। क्रिकेट के सबसे बड़े प्रीमियर लीग के 14वें सत्र के लिए गुरुवार को चेन्नई में नीलामी होगी। इसमें 292 खिलाड़ियों के भाग्य का फैसला होगा। 61 खिलाड़ियों पर फ्रेंचाइजी अपने टीम में शामिल करने के लिए बोली लगा सकती हैं।

13वें सत्र की नीलामी प्रक्रिया 19 दिसंबर 2019 को हुई थी जिसमें 73 स्लॉट के लिए 332 खिलाड़ियों पर बोली लगी थी। इस बार की नीलामी को ‘मिनी आॅक्शन’ कहा जा रहा है क्योंकि कई टीमों के पास खिलाड़ियों पर बोली लगाने के लिए ज्यादा पैसे नहीं हैं तो इस प्रक्रिया से ज्यादातर बड़े खिलाड़ियों का नाम गायब है। लगभग टीमों ने अपने बड़े खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। आइए जानते हैं कि इस बार की नीलामी में और क्या-क्या खास है।

128 विदेशी खिलाड़ी

बीसीसीआइ ने नीलामी के लिए जारी फाइनल सूची में 292 खिलाड़ियों को जगह दी है। इनमें 128 विदेशी खिलाड़ी हैं। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का इस बार भी सूची में दबदबा है। कुल 35 कंगारू खिलाड़ी इस सूची में हैं। इसके बाद न्यूजीलैंड के 20 और वेस्ट इंडीज के 19 खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे। अमेरिका, नेपाल और यूएई से एक-एक खिलाड़ी सूची में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।

कुछ बड़े खिलाड़ी भी नीलामी के लिए उपलब्ध

आइपीएल टीमों ने ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ वाले खिलाड़ियों को रिटेन नहीं किया है। उन्हें नीलामी में अपने भविष्य का इंतजार रहेगा। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रहे आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्टीव स्मिथ भी उन्हीं बड़े नामों में शामिल हैं। इसके अलावा ग्लेन मैक्सवेल, एरॉन फिंच, एलेक्स कैरी और मैथ्यू वेड जैसे दिग्गज प्लेयर भी नीलामी में अपनी किस्मत आजमाएंगे।

कुछ भारतीय खिलाड़ी भी नीलामी में भाग ले रहे हैं। उनके नाम बड़े हैं इसलिए उन्होंने अपना बेस प्राइस दो करोड़ रखा है। फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह और हरफनमौला केदार जाधव इस सूची में हैं। इंग्लैंड के मोइन अली, सैम बिलिंग्स, लियाम प्लैंकेट, जैसान रॉय और मार्क वुड भी दो करोड़ बेस प्राइस के साथ नीलामी प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।

सूची जारी होते ही विवाद

नीलामी के लिए चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी होते ही विवाद खड़ा हो गया। बीसीसीआइ पर प्रतिभावान खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगने लगा। हुआ यूं कि सूची में पुनीत बिष्ट और आशुतोष अमन जैसे होनहार खिलाड़ियों का नाम नहीं था वहीं नयन दोशी और सादिक किरमानी का नाम शामिल है। अमन बिहार क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल हैं।

34 साल के इस खिलाड़ी के नाम घरेलू क्रिकेट में कई रेकॉर्ड हैं। हाल में खेले गए सैयद मुश्ताक टूर्नामेंट में उनके नाम सबसे ज्यादा विकेट लेने का रेकॉर्ड रहा। आशुतोष ने 2018-19 के रणजी सत्र में उन्होंने 68 विकेट चटकाए थे। दूसरी तरफ पुनीत ने महज पांच मैचों में 204 रन बनाए। इन दोनों खिलाड़ियों का नाम सूची से बाहर है। किरमानी ने ढाई साल से कोई भी टी-20 मैच नहीं खेला है। दोशी की वापसी को लेकर भी सावाल उठ रहे हैं। उनकी उम्र 42 साल है। संन्यास की उम्र में आइपीएल में खेलना, यह किसी के लिए भी अटपटा है।

पहले भी चयन को लेकर हो
चुका है विवाद

आइपीएल में चयन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें फ्रेंचाइजी खरीद तो लेती है लेकिन उन्हें कभी मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिल पाता। ऐसा ही एक बड़ा नाम लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव भी कई सत्र तक दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। ऐसे ही 2019 में कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे आर्यमन भी राजस्थान की टीम में रहे लेकिन उन्हें मुख्य एकादश में जगह नहीं मिली।