गंभीर बीमारी के बावजूद अस्पताल नहीं जा रहे थे एसडी बर्मन, किशोर कुमार थे वजह

एसडी बर्मन ने एक गाने के रिकॉर्ड होने से पहले अस्पताल जाने से मना कर दिया था। इस गाने को किशोर कुमार ने गाना था, लेकिन उन्होंने एसडी बर्मन से झूठ बोल दिया था।

Kishore Kumar, SD Burman एसडी बर्मन के साथ किशोर कुमार (इंडियन एक्सप्रेस आर्काइव)

लीजेंड म्यूजिक कंपोजर सचिन देव बर्मन का जन्म 1 अक्टूबर 1906 को हुआ था। हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को भूला नहीं जा सकता। उन्होंने बाजी, सीआईडी, प्यासा, बंदिनी और गाइड जैसी फिल्मों का म्यूजिक दिया था। 1975 में वह ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘मिली’ के लिए म्यूजिक कंपोज कर रहे थे। फिल्म में ‘बड़ी सूनी सूनी है’ गाने को किशोर कुमार ने गाया था। इस गाने के रिकॉर्ड होने से पहले एसडी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी।

अमीन सयानी के रेडियो शो में किशोर कुमार ने खुद ये किस्सा साझा किया था। किशोर कुमार ने बताया था, हम लोग गाने का रिहर्सल कर रहे थे तो सचिन दादा बीमार होने शुरू हो गए थे। उनकी आंखों में मायूसी और खालीपन नजर आ रहा था। वह चुपचाप मेरी तरफ देख रहे थे, गाना सुन रहे थे। गाना खत्म हुआ और मैं घर से बाहर निकला। करीब 25 मिनट बाद ही सचिन दादा फ्लोर पर गिर पड़े। डॉक्टर को बुलाया गया और उन्होंने चेकअप करने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।

डर गए थे किशोर कुमार: किशोर कुमार ने याद किया, दादा ने डॉक्टर की सलाह नहीं मानी। उनका कहना था कि कल किशोर गाना रिकॉर्ड करेगा। गाने की रिकॉर्डिंग के बाद आप लोग जहां चाहें मुझे ले जा सकते हैं। ये सुनने के बाद उनका बेटा आरडी (पंचम) मेरे घर पहुंच गया। पंचम ने कहा- किशोर मेरे साथ चलो और उन्हें समझाओ कि गाने की रिकॉर्डिंग बाद में भी हो सकती है। मैं दादा के घर पहुंचा और उनकी हालत देखकर डर गया। उनका शरीर अजीब-सा हो गया था।

बकौल किशोर कुमार, मैंने उन्हें कहा कि मैं गाना बाद में रिकॉर्ड करूंगा क्योंकि अभी मेरी आवाज ठीक नहीं है। आप अस्पताल चले जाइए। जबतक आप वापस आओगे मेरी आवाज भी ठीक हो जाएगी। हम लोग बाद में गाने की रिकॉर्डिंग करेंगे। वो भी राजी हो गए और उन्होंने कहा कि इस गाने को तभी रिकॉर्ड करना जब तुम्हारी आवाज ठीक हो जाए। अगर मैं रिकॉर्डिंग पर न आ सकूं तो ये समझना कि मैं तुम्हारे सामने ही खड़ा हूं और वैसा ही गाना जैसा मैं चाहता हूं।

सचिन देव बर्मन अस्पताल चले गए और वह रिकॉर्डिंग के लिए नहीं आ सके। किशोर कुमार ने ऐसा ही गाया जैसा एसडी बर्मन चाहते थे। बाद में पंचम टेप को अस्पताल ले गया और एसडी बर्मन को रिकॉर्ड किया हुआ गाना सुनाया गया। गाना सुनने के बाद वह नम आखों से बोले- मुझे पता था इसे किशोर ही गा सकता था। इसके कुछ ही समय बाद वह कोमा में चले गए और 31 अक्टूबर 1975 को 69 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।