गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं आमिर खान की को-एक्ट्रेस, 11 साल से हैं बेरोजगार: जैसे-तैसे चलाना पड़ रहा है घर

आमिर खान की को-एक्ट्रेस परवीना बानो बीते कई सालों से बेरोजगार हैं। इसके साथ ही वह एक गंभीर बीमारी से भी जूझ रही हैं।

aamir khan, parveena bano आमिर खान की को-एक्ट्रेस 11 सालों से हैं बेरोजगार (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ में ‘केसरिया’ का किरदार निभाने वाली परवीना बानो बीते 11 सालों से बेरोजगार हैं। इस बात का खुलासा एक्ट्रेस ने आज तक को दिए एक इंटरव्यू में किया है। परवीना बानो ने बताया कि बेरोजगारी से इतर वह सालों से गंभीर बीमारी से भी जूझ रही हैं। उनकी बीमारी में इतने ज्यादा पैसे खर्च हो गए हैं कि अब घर भी उन्हें जैसे-तैसे करके चलाना पड़ रहा है। इसके साथ ही एक्ट्रेस ने बताया कि CINTA की ओर से उनकी मदद की जा रही है।

परवीना बानो का उनके पति से तलाक हो गया है। ऐसे में वह अपनी बेटी और छोटी बहनों के साथ रहती हैं। इस बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने बताया, “मैं घर पर अपनी बेटी और अपनी छोटी बहनों के साथ रहती हूं। तलाक के बाद घर में कमाने वाली मैं ही एक अकेली महिला थी। अब मेरा भाई ही मेरी देखभाल करता था। लेकिन उसे भी कैंसर है।”

परवीना बानो ने अपनी बीमारी के बारे में बात करते हुए आगे कहा, “साल 2011 से ही मुझे गठिया है। ब्लड प्रेशर की समस्या थी, जिससे बाद में ब्रेन स्ट्रोक और लकवा स्ट्रोक भी हुआ। बीते सात-आठ सालों से मैं इस परेशानी से जूझ रही हूं। मेरी तबीयत भी तभी से काफी ज्यादा बिगड़ने लगी है।”

परवीना ने बताया कि लंबे समय से चल रहे इलाज के कारण उनकी सारी जमा-पूंजी उसी में लग गई। एक्ट्रेस ने इस बारे में कहा, “मैं काफी दिनों से घर पर ही हूं। मेरी बहन असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसकी नौकरी भी छिन गई। ऐसे में हमारे पास कमाई का कोई भी साधन नहीं बचा है।”

CINTAA के बारे में बात करते हुए परवीना बानो ने कहा, “उनकी तरफ से मुझे राशन भेजा गया। राजकमल जी ने दो बार मुझे राशन भेजा। मेरी बीमारी का इलाज अभी भी जारी है और मुझे हर सप्ताह दवाइयों के लिए 1800 रुपये मिलते हैं।” बता दें कि परवीना ने फिल्म ‘लगान’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था और इस फिल्म में उन्होंने आमिर खान की भाभी का किरदार अदा किया था। इस फिल्म के बाद वह अन्य फिल्मों में छोटा-मोटा रोल कर पैसे कमाती थीं।