गांधी-सावरकर पर बहस-गाली करके निबट लो, फिर वर्तमान पर चिंता करना- भड़के कुमार विश्वास, लोग यूं देने लगे जवाब

कुमार विश्वास ने गांधी, सावरकर, सुभाष चंद्र बोस और नेहरू पर बहस करने वालों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि वर्तमान की चिंता बाद में करना।

kumar vishwas, aryan khan मशहूर कवि कुमार विश्वास (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते कुछ दिनों पहले बयान दिया था कि वीर सावरकर ने महात्मा गांधी के कहने पर दया याचिका लगाई थी। इस मामले को लेकर खूब बहसबाजी हुई थी। वहीं हाल ही में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर एक बहस शुरू हो गई है। दरअसल, उनकी 125वीं जयंती पर भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला था। भाजपा के निशाने पर कांग्रेस ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। इन बातों को लेकर अब मशहूर कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास ने नाराजगी जाहिर की है।

कुमार विश्वास ने महात्मा गांधी, वीर सावरकर व सुभाष चंद्र बोस के नाम पर बहस करने वालों पर निशाना साधा और लिखा, “यार तुम सब मिलकर पहले दो चार महीने ‘गांधी-सावरकर, नेताजी-नेहरू’ आदि पर पूरे देश में बहस, गाली, गंदगी, अपयश, ट्रोलिंग, महिमामंडन, प्रतिष्ठा का देशव्यापी अभियान करके निबट लो।”

कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में गुस्सा जाहिर करते हुए आगे लिखा, “फिर आराम से ‘वर्तमान’ पर चिंता-विचार कर लेना। जब भी वर्तमान या भविष्य की बात करो, पट्ठे ये सब लेकर बैठ जाते हैं।” कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर अब सोशल मीडिया यूजर भी खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने कवि के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “अतीत का रोना रोने वाले कभी भी आपको सुरक्षित भविष्य नहीं दे सकते।”

शिखा मिश्रा नाम के यूजर ने कुमार विश्वास के ट्वीट के जवाब में लिखा, “इन सब विषयों पर बात शायद इसलिए होती है कि वर्तमान के मुद्दों के मानसपटल पर अपना प्रभाव न डालें और चुनाव इन्हीं मुद्दों पर लड़े जाएं। जनता का मत भी यही है।” स्वामी नाम के यूजर ने लिखा, “पहला प्रधानमंत्री है जो देश के पहले प्रधानमंत्री को कोसते-कोसेते अपना 10 साल कार्यकाल पूरा कर लेगा।”

मनोज मिश्रा नाम के यूजर ने कुमार विश्वास के ट्वीट पर चुटकी लेते हुए लिखा, “जब-जब सावरकर और नेताजी पर बात होती है, ज्यादातर लोग यही सलाह देते हैं।” वहीं एक यूजर ने ट्वीट को लेकर कुमार विश्वास पर तंज कसा और लिखा, “कुमार भाई, वर्तमान और भविष्य के साथ भूत की भी चर्चा हो तो क्या गलत है। जब तक हम भूतकाल की गलतियों से नहीं सीखेंगे, भविष्य में कैसे सुधार कर पाएंगे।”