गाय भले अपने मालिक से नाराज़ हो लेकिन कसाई के घर नहीं जाती- PM मोदी का समर्थन करते हुए बोले बॉलीवुड एक्टर; लोग करने लगे ऐसे कमेंट

COVID-19 Situation: कोरोना संकट पर जारी सियासत के बीच एक्टर गजेंद्र चौहान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें वे पीएम मोदी का समर्थन करते दिखे।

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कोरोना संक्रमण से जूझ रहे लोगों को अस्पतालों में बेड से लेकर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाइयों की कमी का सामना भी करना पड़ रहा है। तमाम लोग सोशल मीडिया पर भी अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और तमाम खामियों के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कोरोना संकट पर जारी सियासत के बीच एक्टर गजेंद्र चौहान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें वे पीएम मोदी का समर्थन करते दिखे। हालांकि इस पोस्ट के बाद यूजर्स उन्हें ही खरी-खोटी सुनाने लगे।

एक्टर ने पीएम मोदी को लेकर किए गए अपने पोस्ट में कहा- ‘गाय भले ही अपने मालिक से नाराज हो..लेकिन रूठकर कभी कसाई के घर नहीं जाती..। इसलिए हम मोदी जी के साथ ही हैं।’ गजेंद्र चौहान के इस पोस्ट को देख कर सोशल मीडिया पर लोगों के ढेरों रिएक्शन सामने आने लगे।

गजेंद्र चौहान की पोस्ट पर तंज करते हुए कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने लिखा, ‘हे धर्म राज, गाय “माता” है। उसका मालिक भला कौन हो सकता है।’ उधर, बॉलीवुड एक्टर कमाल राशिद खान (केआरके) ने लिखा, ‘भाईजान लेकिन आप मोदी दी से नाराज क्यों हैं? उन्होंने ऐसा क्या गलत कर दिया?’

जीनत नाम की एक यूजर ने लिखा- ‘हे देव,आपको भ्रम है कि आप मोदी जी के साथ हैं, वास्तव में मोदी जी के पद से प्यार है आपको, भविष्य की चिंता है। आपने जनता को गाय कहा…वाह कसाई कौन है? वो आप स्पष्ट कर दें और लोगों का तड़प-तड़प कर मरना आपके लिए मायने नहीं रखता? ये आपके भविष्य पर ग्रहण साबित होगा, याद रहे।’

शिल्पी सिंह नाम की महिला यूजर बोलीं- ‘अंधभक्त गज्जू… तुम्हारे हिन्दू सम्राट हिन्दुओं की ही रक्षा नहीं कर पा रहे, सब श्मशान को जा रहे हैं।’ देव प्रकाश नाम के यूजर ने लिखा- ‘गाय भला मालिक से नाराज ही क्यों होगी? क्या उसे भूसा नहीं मिल रहा? दवाई नहीं मिल रही? इनके बिना अगर वो मर गई तो?’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘शर्म नहीं आती होगी न? आप को भारत में मेरी उम्र के ज्यादातर लोग आपके महाभारत में युधिष्ठिर के किरदार के लिए जानते हैं। क्या आप उस महान व्यक्तित्व से कुछ भी न सीख सके? या द्वापर से कलयुग तक के सफर का ह्रास आपके व्यक्तित्व में दिख रहा है?’ सुमित नाम के यूजर ने लिखा, ‘गाय तो ज्यादा हरी घास के लालच में गलती से कसाईबाड़े में घुस सकती है। वो गधा होता है जो सुबह से शाम और शाम से रात एक जगह ही जगह खड़ा रहता है।’

एक अन्य यूजर ने तंज करते हुए लिखा, ‘अभी तक इस आपदा में सहायता करते दिखें नहीं, और बातें गाय माता की कर रहे हैं। जो हिन्दू जगाने की बातें कर रहा था वो आज हिन्दू को बचा नहीं रहा है और दुहाई गाय का दें रहे हैं। शर्म आनी चाहिए। जहां गंगा में लाशें मिल रही हैं, उस पर भी बोलें आप, वो भी हिन्दू भाई की है।

सद्दाम सिद्दीकी नाम के यूजर ने कहा- ‘ऐसे लोगों को इंसान से ज्यादा गाय की फिक्र है। गंगा घाट पर 40 से ज्यादा लाशें मिलीं। क्या है पूरा मामला पता नहीं, पर यह शख्स ‘हिंदू जगाने आया हूं हिंदू जगा कर जाऊंगा’ पर हैं। हिंदू भाई मर रहा है ऑक्सीजन की वजह से उनके लिए कोई मदद नहीं करेगा सिर्फ नफरत फैलाने आएगा।’