गीतकार मनोज मुंतशिर ने अकबर, हुमायूं और जहांगीर को बताया डकैत, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मनोज मुंतशिर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया और पूछा आप किसके वंशज हैं? अपनी विरासत और हीरो चुनें।

Lyricist Manoj Muntashir, Akbar, Humayun, Jahangir, गीतकार मनोज मुंतशिर (फोटो सोर्स- मनोज ऑफीशियल इंस्टाग्राम)

चर्चित गीतकार मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे अकबर, हुमायूं और जहांगीर को महिमामंडित डकैत बताते हुए सवाल करते हैं कि आप किसके वंशज हैं? इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाते हैं। उनके इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तबका मनोज मुंतशिर का समर्थन करता नजर आ रहा है तो दूसरा असहमति जताता।

क्या है इस वीडियो में? मनोज मुंतशिर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया और पूछा आप किसके वंशज हैं? अपनी विरासत और हीरो चुनें। करीब एक मिनट के इस वीडियो में वह कहते हैं, ‘पिछले कई सदियों से हमने अपने इतिहास की जमीन को लावारिस छोड़ दिया है। हम इस हद तक ब्रेनवास्ड हो गए कि अचानक हमारे प्री-प्राइमरी टेक्स्ट बुक में ग से गणेश हटाकर ग से गधा लिख दिया गया और हमारे माथे पर बल तक नहीं पड़ा।’

मुंतशिर आगे कहते हैं ‘हमारे घर तक आने वाली सड़कों के नाम भी किसी अकबर, हुमायूं, जहांगीर जैसे ग्लोरिफाइड डकैत के नाम पर रख दिए गए और हम रिबन काटते हुए मौकापरस्त नेताओं को देख कर तालियां बजाते रहे। चित्तौड़गढ़ में 30,000 सिविलियंस को जिहाद के नाम पर काट डालने वाला आदर्श राजा था? आगरे के किले के सामने मीना बाजार लगवाने वाला जिल्ले इलाही था? जिल्ले इलाही यानी खुदा की परछांई…यह कौन से खुदा हैं जिसकी परछांई इतनी काली है?’

मुंतशिर आगे कहते हैं, ‘अपने हीरो और विलेन जात-पात से ऊपर उठकर चुनिये, जो इस महान देश की परंपरा है। रावण कौन था? एक ब्राम्हण था, भगवान ब्रह्मा के डायरेक्ट ब्लडलाइन में जन्मा था, लेकिन आपने किसी ब्राह्मण को रावण की स्तुति करते हुए देखा है?

सोशल मीडिया पर क्या लिख रहे हैं लोग? निर्देशक अविनाश दास ने मुंतशिर के इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘एक दिन ये इतना गिरेंगे कि कहेंगे साहिर, इंदीवर, कैफ़ी आज़मी, हसरत जयपुरी हिंदी सिनेमा की गीत परंपरा के कलंकित नाम हैं और “अटरिया पर लोटन कबूतर रे” के रचयिता श्री समीर ही बॉलीवुड के सार्वकालिक महान गीत-पुरुष हैं। इस अनपढ़ आदमी को इसकी नियति पर छोड़ दीजिए। ये चर्चा के क़ाबिल भी नहीं।’

लेखक और इतिहासकार पुरुषोत्तम अग्रवाल ने लिखा, ‘मेरी अज्ञानता के लिए क्षमा करें, लेकिन यह शख़्स कौन है? ऐसा लगता है कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है। क्या ये बीरबल, टोडरमल और मानसिंह के बारे में जानते हैं?’ आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडेय ने तंज कसते हुए लिखा, ”‘ग’ से गदहा”।

उधर, न्यूज एंकर अमन चोपड़ा ने एक तरीके से मनोज मुंतशिर का समर्थन करते हुए शाबाशी वाले इमोजी के साथ लिखा, ‘अकबर, हुमायूं और जहांगीर Glorified डकैत…।’ चोपड़ा के कमेंट पर टिप्पणी करते हुए फिल्ममेकर अशोक पंडित ने लिखा, ‘उस जमाने के अर्बन नक्सल्स और #Taliliberals अगर आज होते तो JNU में होते और शाहीन बाग में धरना दे रहे होते…।’