गुजरातः भूपेंद्र पटेल के मंत्रियों में कोई 10वीं तो किसी ने सिर्फ चौथी क्लास तक कर रखी है पढ़ाई; कांग्रेसी दिग्विजय का तंज- ‘साहब’ को सवाल करने वाले नहीं हैं पसंद

मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की सरकार में 15 मंत्री ऐसे हैं, जो ग्रेजुएट नहीं हैं, यानी मंत्रीमंडल के 60 फ़ीसदी मंत्रियों ने कभी कॉलेज नहीं देखा।

गुजरात में नई सरकार का गठन किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)।

गुजरात में हाल ही में नई सरकार का गठन किया गया है। सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ ज्यादातर ऐसे नेता हैं जिन्हें पहली बार सरकार में जिम्मेदारी मिली है। हालांकि गुजरात के नए कैबिनेट के मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता अब सवालों के घेरे में है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी ने ज्यादा पढ़े लिखे लोगों को मंत्री इसलिए नहीं बनाया क्योंकि वे ज्यादा सवाल करते हैं और पीएम मोदी को ज्यादा सवाल करने वाले लोग पसंद नहीं।

कांग्रेस नेता ने एक खबर को शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘ गुजरात: कोई 10वीं पास तो कोई सिर्फ़ चौथी, भूपेंद्र पटेल के नए मंत्रियों की शिक्षा पर चर्चा। मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। कोई भी नेता अपने से अधिक पढ़ा हुआ पसंद नहीं करता क्योंकि वह प्रश्न करेगा। और साहब को प्रश्न करने वाले लोग पसंद नहीं हैं।’ बता दें कि बीजेपी ने गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष जीतू वघानी समेत 24 लोगों को मंत्री बनाया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 10 कैबिनेट मंत्रियों और 14 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई थी, जिनमें पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल हैं।

कैबिनेट मंत्रियों में राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार और अर्जुन सिंह चौहान का नाम शामिल है। कांग्रेस नेता द्वारा शेयर की गयी खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की सरकार में 15 मंत्री ऐसे हैं, जो ग्रेजुएट नहीं हैं, यानी मंत्रीमंडल के 60 फ़ीसदी मंत्रियों ने कभी कॉलेज नहीं देखा। वहीं, मुख्यमंत्री पटेल ने ख़ुद सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है।

मंत्रिमंडल के 11 सदस्यों ने कक्षा 8 से 12 के बीच की ही पढ़ाई की है। कैबिनेट मंत्री बने लिंबड़ी से किरीट सिंह राणा, गणदेवी से नरेश पटेल और असारवा से प्रदीप परमार ने कक्षा 10 तक की पढ़ाई की है। वहीं, तीन बड़े मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता एसएससी यानी 10 कक्षा से भी कम है।

सूरत के मजूरा विधानसभा से विधायक और गृह राज्य मंत्री बने हर्ष सांघवी और कपराड़ा सीट से विधायक जीतूभाई चौधरी ने नौवीं क्लास पास की है। राज्य मंत्रियों में से ओलपाड से मुकेश पटेल ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई की है, वहीं राजकोट से अरविंद रैयाणी ने नवीं कक्षा तक की पढ़ाई की है और महुवा से आर सी मकवाना और कतारगाम से विनुभाई मोरडिया ने 10वीं कक्षा से कम की पढ़ाई की है।

निमिषाबहेन सुथार और कीर्तिसिंह वाघेला ने कॉलेज में सिर्फ़ एक साल पढ़ाई की है। राज्य के पशुपालन और गौ-संवर्धन मंत्री देवाभाई मालम सबसे कम पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने केवल कक्षा चार तक की ही पढ़ाई की है। वे केशोद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कैबिनेट मंत्रियों में से सबसे अधिक पढ़ाई की है महिसागर के संतरामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रोफ़ेसर कुबेर डिंडोर ने। उन्होंने हिंदी भाषा में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है और पीएचडी भी की है।