गोरखपुरः कारोबारी की मौत के बाद एक्टिव योगी सरकार, पुलिसवालों पर कसा जाएगा शिकंजा, बनीं दो कमेटी

गुरुवार को कानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान मनीष गुप्ता हत्याकांड को लेकर कहा कि 2 दिन पहले गोरखपुर में एक दुखद घटना घटी थी। मैंने उसी दिन गोरखपुर पुलिस को कहा था कि तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए और दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा।

गुरुवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी मृतक मनीष गुप्ता के परिजनों से मुलाक़ात की। (फोटो – पीटीआई)

गोरखपुर में पुलिसिया पिटाई की वजह से कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। योगी सरकार भी अब इस मामले में एक्टिव हो गई है। इस मामले की जांच के लिए योगी सरकार ने दो कमेटी बनाने का फैसला किया है। पहली कमेटी गोरखपुर मामले की जांच करेगी। दूसरी कमेटी अब उत्तरप्रदेश के सभी दागी पुलिसकर्मियों की भी जांच करेगी। साथ ही योगी सरकार ने कहा है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिस वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

समाचार चैनल आजतक से बातचीत करते हुए उत्तरप्रदेश के एडीजी (लॉ एंड आर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस मुख्यालय की तरफ से पूरी तरह से जांच करने के आदेश दिए गए हैं और साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। इसकी जिम्मेदारी गोरखपुर के जोन और रेंज के अधिकारी को दी गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया और राज्य सरकार की तरफ से अनुदान भी दिया गया है।    

गुरुवार को कानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान मनीष गुप्ता हत्याकांड को लेकर कहा कि 2 दिन पहले गोरखपुर में एक दुखद घटना घटी थी। मैंने उसी दिन गोरखपुर पुलिस को कहा था कि तत्काल मुकदमा दर्ज होना चाहिए और दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी, अपराधी होता है। मैंने कल सुबह ही यहां के जिला प्रशासन को कहा था कि मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहूंगा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्योंकि दुखद घटना घटी है उसकी पीड़ा के साथ जोड़ना हमारा दायित्व है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, सबकी जवाबदेही भी तय करेंगे। अपराध और अपराधियों को बर्दाश्त न करने की सरकार की नीति किसी से छुपी नहीं है। सरकार ने जो कहा वो करके दिखाया है। कानपुर तो इसका जीता जागता उदाहरण है।

इस दौरान उन्होंने इस मामले को राजनीतिक तूल देने को लेकर विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार की पीड़ा के साथ हम जीवन पर्यंत जुड़े रहेंगे। हमें घड़ियाली आंसू बहाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। सीएम योगी का इशारा सपा नेता अखिलेश यादव की ओर था। दरअसल अखिलेश यादव गुरुवार को मृतक मनीष गुप्ता के परिजनों से मिलने कानपुर स्थित उनके घर पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

अखिलेश यादव ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर सरकार की नाकामी है। यह घटना काफी गंभीर है। इसमें सारे सबूत मिटा दिए गए। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने इस मामले की जांच हाई कोर्ट के किसी सीटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग की।